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Monday, March 2, 2020

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विशेष व्याख्यान का हुआ आयोजन

जौनपुर-वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के  इंजीनियरिंग संस्थान में सोमवार को पूर्व कुलपति प्रो पी सी पतंजलि  के विशेष  व्याख्यान का आयोजन किया गया। उन्होंने  स्वामी विवेकानंद और डॉ भीमराव आम्बेडकर  के जीवन पर प्रकाश डाला। कहा कि  डॉ भीमराव आम्बेडकर ने  भारत के संविधान निर्माण  में  बहुत बड़ा योगदान दिया है। वंचित,शोषित के विकास हेतु उनके दृष्टिकोण को अपनाना चाहिए।  डॉ भीमराव आम्बेडकर के  कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा के स्रोत रहेंगे। उनकी याद में विश्व युवा दिवस  12 जनवरी को हर वर्ष मनाया जाता है। स्वामी जी ने जीवन जीने की कला को  बताया  और कहा कि अगर जीवन में खुश रहना है तो अपने से नीचे वाले इंसान को  देखना चाहिए। जीवन में ऊपर सभी जा नहीं सकते और अपने से नीचे कोई जाना नहीं चाहता इसलिए जीवन में इसके बीच का तालमेल  बैठाना चाहिए नहीं तो इंसान तनाव में आ जाएगा। उन्होंने  पारंपरिक व्यवसाय  निजामाबाद की ब्लैक पॉट्री, वाराणसी के लकड़ी के खिलौने, चुनार के चीनी मिट्टी के खिलौने बनाने वालों चर्चा की.कहा  कि इनको बनाने वाले कई कलाकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय  ख्याति प्राप्त है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सफलता के लिए टीम प्रबंधन बहुत आवश्यक है.अगर अपने तन, मन, आत्मा को अच्छा रखना है तो किसी के प्रति दुर्भावना मत पालो। धन्यवाद ज्ञापन समन्वयक प्रो  बी. बी. तिवारी ने दिया। इस अवसर पर  पर डॉ रवि प्रकाश,श्री श्याम त्रिपाठी,श्री रीतेश बरनवाल, शैलेश प्रजापति ,अजय मौर्या श्रीमती ज्योति सिंह आदि मौजूद रहे।

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