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Friday, March 6, 2020

फिर शुरू कर दी गयी अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण की 13 वर्षों से बंद चल रहीं योजना

गोरखपुर-प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण की 13 वर्षों से बंद चल रहीं योजना फिर शुरू कर दी है। इसके अंतर्गत अल्पसंख्यक समुदाय (मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी व जैन) के बेरोजगार युवक-युवतियां एक लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक टर्मलोन ले सकेंगे। उन्हें छह फीसद वार्षिक दर से ब्याज चुकाना होगा।इस योजना में गोरखपुर के 50 बेरोजगारों का चयन कर लिया गया है। उन्‍हें जल्‍द ही धन उपलब्‍ध करा दिया जाएगा। चयन होने से बेरोजगारों को खुशी है। बेरोजगारों का कहना है कि सरकार की इस व्‍यवस्‍था से उम्‍मीदें जग गई हैं। पूरे प्रदेश में हजारों लोगों ने ऋण लेने के बाद वापस नहीं किया था इसलिए प्रदेश सरकार ने इस योजना पर रोक लगा दी थी। प्रदेश सरकार की पहल पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम और उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम के बीच बीते दिनों 42.61 करोड़ रुपये का मेमोरेंडम ऑफ अंडरटेकिंग (एमओयू) साइन हुआ था। इसके बाद निगम के महाप्रबंधक ने गोरखपुर के लिए 70 लाख रुपये का बजट दिया। जिलाधिकारी (डीएम) की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय कमेटी ने लाभार्थियों की सूची तैयार की है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि ऋण वापसी पांच वर्षों में 20 समान त्रैमासिक किस्तों में की जाएगी।आवेदक अल्पसंख्यक वर्ग का हो तथा उप्र का मूल्य निवासी हो। पारिवारिक आय ग्रामीण 98 हजार व शहरी 1.20 लाख रुपये से अधिक न हो। बैंक खाते से आधार का लिंक होना जरूरी। जो पहले योजना का लाभ ले चुके हैं, वह इसके पात्र नहीं होंगे। विलंब भुगतान पर दो फीसद अतिरिक्त ब्याज देना होगा।

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