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Saturday, February 1, 2020

सारनाथ संरक्षित क्षेत्र नौ सौ पीएम आवास फुला रहे अफसरों की सांस

वाराणसी- सारनाथ में पुरातात्विक धरोहर के संरक्षित क्षेत्र में निजी निर्माण ध्वस्त करने वाला सरकारी तंत्र कटघरे में है। क्योंकि यहां बनकर खड़े 900 से अधिक शहरी प्रधानमंत्री आवास संरक्षित क्षेत्र की सांस फुला रहे हैं। जबकि कई निर्माणाधीन भी हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग और वीडीए की संयुक्त टीम के सर्वे में संरक्षित क्षेत्र में मनमाने तरीके से बन रहे प्रधानमंत्री आवास का मामला सामने आने पर जिम्मेदारों के होश उड़ गए हैं। अब उन्हें समझ में नहीं आ रही है कि क्या करें। सवाल उठता है कि सारनाथ में ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग का कार्यालय है और दिनभर कर्मचारी टहलते रहते हैं। इसके बाद भी उनका ध्यान इस पर नहीं गया। ऐसे में अवैध निर्माण रोकने के लिए तैनात वीडीए के अधिकारी व कर्मचारी क्या कर रहे थे। सारनाथ में पुरातात्विक धरोहर के प्रतिबंधित क्षेत्र में मनमानी तरीके से अवैध निर्माण होने पर वीडीए उपाध्यक्ष ने पुरातत्व विभाग के अधीक्षण पुरातत्वविद नीरज सिन्हा के साथ बैठक की। वीसी ने पूछा कि अवैध निर्माण के खिलाफ आप कैसे कार्रवाई करते हैं, क्या नियम है। इस पर उन्होंने बताया कि अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी कर गिराने के लिए पत्राचार किया जाता है।

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