menubar

breaking news

Wednesday, February 12, 2020

छात्र-छात्राओं को यदि छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति चाहिए तो उन्हें पढ़ाई में अव्वल आना होगा।

लखनऊ-गरीब परिवारों के छात्र-छात्राओं को यदि छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति चाहिए तो उन्हें पढ़ाई में अव्वल आना होगा। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार एससी-एसटी और सामान्य वर्ग के उन स्टूडेंट्स को ही दशमोत्तर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा प्रदान करेगी जो काबिलियत के दम पर संस्थानों व कॉलेजों में दाखिला पाएंगे। मैनेजमेंट कोटे से प्रवेश पाने वाले छात्र-छात्राओं को शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही उन निजी विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को ही इस योजना का लाभ मिलेगा जिनकी नैक ग्रेडिंग बी या इससे ऊपर की होगी।समाज कल्याण विभाग ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के नए दिशा-निर्देश सभी जिलों को भेज दिए हैं। इसमें कहा गया है कि जिन शिक्षण संस्थानों में अखिल भारतीय या फिर राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा से दाखिले होते हैं उनके छात्रों को ही छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा मिलेगी। यानी इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों में नीट के जरिये व पॉलीटेक्निक संस्थानों में राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा के जरिए दाखिला पाने वाले गरीब छात्र-छात्राओं को ही इसका लाभ मिलेगा।

No comments:

Post a Comment