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Friday, February 21, 2020

ग्रेटर नोएडा ब्रांच और बिसरख कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने फर्जी दस्तावेजों के जारिए बैंकों से क्रेडिट बनवाकर ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ठगों ने बनाया ठिकाना, 6000 से ज्यादा लोगों को कैसे लगाया चूना - यूपी एसटीएफ की ग्रेटर नोएडा ब्रांच और बिसरख कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने फर्जी दस्तावेजों के जारिए बैंकों से क्रेडिट बनवाकर ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने गैंग के सरगना समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग चंद मिनटों में किसी का भी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड तैयार कर देता था। उसके बाद लोगों के नाम पर बैंकों से क्रेडिट कार्ड जारी करवाता था। यह गिरोह अब तक 6000 से ज्यादा लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। इन लोगों ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री के पीए को भी नहीं छोड़ा।एसटीएफ के एएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि पकड़े अभियुक्तों की पहचान अनूपगढ़ राजस्थान के निवासी राजा सक्सेना और मेंडू हाथरस के निवासी कौटिल्य शर्मा के रूप में हुई है।पुलिस पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि वह फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड तैयार करते हैं। उसके बाद इन जाली दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न बैंकों से क्रेडिट कार्ड बनवा लेते हैं। क्रेडिट कार्ड से नकदी निकालते हैं और शॉपिंग करते हैं। बैंक पैसे की वसूली करने के लिए उस व्यक्ति को नोिटस भेजता है, जिसके नाम और पते से जाली दस्तावेज इस्तेमाल किए गए थे।पुलिस ने इनके पास से 29 फर्जी आधार कार्ड, 10 फर्जी पेन कार्ड, 19 क्रेडिट कार्ड और करीब 6000 लोगों के नाम-पतों की लिस्ट और सैलरी स्लिप समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। अभियुक्त राजा सक्सेना ने बताया कि वर्ष 2007 में वह नौकरी के लिए दिल्ली आया था। दिल्ली में एचडीएफसी बैंक की ओखला शाखा में उसने एक प्राइवेट वेंडर के लिए रिकवरी एजेंट के रूप में लगभग डेढ़ साल तक काम किया था। जहां पर उसकी मुलाकात कौटिल्य शर्मा से हुई। दोनों का काम क्रेडिट कार्ड बनाने के अलावा ग्राहकों के कागजातों को लाना और ले जाना होता था।राजा सक्सेना ने बताया कि काम करने के दौरान उसकी मुलाकात छत्तीसगढ़ निवासी धीरज सोलंकी से हुई। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जिन ग्राहकों को कार्ड अपडेट करवाना या कार्ड लिमिट बढ़वानी होती थी। इसके लिए बैंक क्रेडिट कार्ड काटकर आधा हिस्सा ब्रांच में मंगवाता था, ताकि क्रेडिट कार्ड कोई अन्य स्वेप नहीं कर सकें। उसकी जगह अपडेटे कार्ड जारी किया जाता था। छत्तीसगढ़ में जाकर धीरज सोलंकी के साथ राजा सक्सेना और कौटिल्य शर्मा ने भी क्रेडिट कार्ड को बैंकों तक पहुंचाने का काम लिया। उन क्रेडिट कार्ड को ग्राहक के सामने इस तरह काटते थे कि उसकी मैगनेटिक स्ट्रिप या कार्ड सुरक्षित रह जाता था। उससे ये लोग पैसा निकाल लेते थे।पुलिस को जांच में पता चला है कि अभियुक्तों ने वर्ष 2013 में छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री के पीए से ठगी की थी। इस दौरान बजाज फाईनेंस कंपनी से भी ठगी की थी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। यह दोनों आरोपी 18 महीने तक जेल में रहे थे। जिसके बाद जमानत पर छूटकर बाहर आ गए। आरोपियों ने बाहर आने के बाद फिर ठगी का धंधा शुरू कर दिया।यह गिरोह वेबसाइटों और बैंक के वेंडरों से लोगों के आधार, पेन और वोटर आईडी कार्ड ले लेते हैं। जिसके बाद इनमें छेड़छाड़ करके अपना फोटो लगा देते हैं। इसके बाद बैंकों से उस व्यक्ति के नाम पर क्रेडिट कार्ड बनवाते हैं। कार्ड से रकम निकालकर नष्ट कर देते हैं। पुलिस ने इनके पास से छह हजार लोगों की लिस्ट बरामद की है। इनके मोबाइल से करीब 25 हजार व्यक्तियों के व्यक्तिगत डाटा, आधार नंबर, पैन नंबर और मोबाइल नंबर मिले हैं। पुलिस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।एसटीएफ के एएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि मंगलवार की रात मुखबिर से सूचना मिली कि लोगों से ठगी करने वाले गैंग के दो सदस्य गौर सिटी मॉल चौराहे पर कार्ड बनवाने के लिए फर्जी कागजात किसी को देने के लिए आने वाले हैं। एसटीएफ और बिसरख कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी करके दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि दोनों आरोपी ग्रेटर नोएडा वेस्ट की गौर सिटी-टू हाउसिंग सोसायटी में रह रहे हैं !

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