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Sunday, August 26, 2018

कहाँ और क्यो होती है रक्षाबंधन के दिन बाबा की पूजा लाठियों से

बलिया- जनपद के रसड़ा थाना क्षेत्र के महाराजपुर गांव में रक्षाबंधन के दिन श्रीनाथ बाबा के मंदिर पर लाखों की संख्या में भक्त अपने अपने हाँथो में लाठियां लेकर आते हैअभी तक तो आपने देखा या सुना होगा कि मंदिर में पूजा फूलों से होती है। मगर हम आज आपको दिखाते है एक ऐसी अनोखी पूजा जहाँ भक्तों के हाँथों मे फूल की जगह होती है लाठी और इन्ही लाठियों से होती है पूजा। जी हाँ यूपी के बलिया के रसड़ा थाना क्षेत्र के महाराजपुर गांव में रक्षाबंधन के दिन श्रीनाथ बाबा के मंदिर पर लाखों की संख्या में भक्त अपने अपने हाँथो में लाठियां लेकर आते है और श्रीनाथ बाबा की करते है लाठियों सर पूजा औऱ परिक्रमा।  दरअसल परंपरा के अनुसार  यहाँ के किसानों पर अंग्रेजी हुकूमत ने जजिया कर लगा दिया था और इस नए जजिया कर से परेशान किसानों ने श्रीनाथ बाबा से जजिया कर से मुक्त कराने का निवेदन कर दिया। तब श्रीनाथ बाबा ने परेशान किसानों को इन्ही लाठियों के बल पर अंग्रेजों से लड़ कर जजिया कर से मुक्त कराया था। तभी से ये  अनोखी लट्ठ पूजा यहाँ के सेंगर राजपूतो के लिए परंपरा बन गयी जहां हर साल रक्षाबंधन के दिन हजारों गांवो के लाखों लोग फूलों की जगह करते आ रहे लाठियों से पूजा। इस पूजा में आज क्षेत्रीय बीएसपी विधायक उमाशंकर सिंह और सपा से राज्य सभा सांसद नीरज शेखर की उपस्थिति में एक बच्चे ने श्रीनाथ बाबा पर लिखी पुस्तक का विमोचन किया।
लाखों की संख्या में लोगो की भीड़ और सबके हाँथों में लाठियां । आप यह दृश्य देखकर एक बार आप भी सोचने को मजबूर हो जाएंगे कि कही कोई बड़ी लड़ाई छिड़ गई है। मगर आप चौकिए मत ये दृश्य लड़ाई जैसा दिख भले रहा है लेकिन वास्तव में ये एक पूजा हो रही है जहाँ भक्तो के हांथ फूलों की जगह लाठियां है। और ये मंदिर श्रीनाथ बाबा का मंदिर है और लाठियों के संग भक्त इसी मंदिर की पूजा के बाद परिक्रमा कर रहे है।बीएसपी विधायक के अनुसार बलिया के रसड़ा क्षेत्र के महाराजपुर गांव के इस मंदिर पर ऐसी पूजा यहां की चली आ रही वर्षो पुरानी परंपरा है। अंग्रेजी हुकूमत के समय अंग्रेजो ने इस गांव के किसानों पर जजिया कर लगा दिया। किसान इस कर्ज को चुका पाने की स्थिति में नही थे तो श्रीनाथ बाबा ने इन्ही लाठियों के बल पर किसानों को अंग्रेजों द्वारा लगाए गए जजिया कर से मुक्त करा दिया। तबसे ये लाठी पूजा की परंपरा चली आ रही है जहाँ हजारों गांवों से लाखों भक्त अपने हाथों में लाठी लेकर आते है और श्रीनाथ बाबा की पूजा करते है बावजूद इसके कोई भी अप्रिय घटना यहाँ नही होती।

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