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Sunday, March 25, 2018

पशुओ में होने वाली बीमारी, ग्लैंडर्स एवं फार्सी बीमारी पर दिया गया एक दिवसीय प्रशिक्षण

VPISजौनपुर। आज मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. वीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता मे अश्ववंशीय पशुओं मे होने वाली बीमारी ग्लैंडर्स एवं फार्सी बीमारी पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार मे आयोजित किया गया। ब्रुक्स इंडिया से आये विशेषज्ञ डा0 जैनुल आब्दी द्वारा जनपद के समस्त पशु चित्साविदो, वेटरिनरी फार्मासिस्टो एवं पशुधन प्रसार अधिकारियो को बताया गया कि यह एक जीवाणुजनित बीमारी है तथा बर्खोलडेरिया मैलियाई नामक जीवाणु से फैलता है। जिसका न तो कोई इलाज है और न ही अभी तक इसका कोई टीका विकसित हुआ है। इस बीमारी का महत्व इस लिए भी ज्यादा है क्योकि यह बीमारी पशु से मनुष्यो मे भी फैलती है। मुख्य रूप से यह बीमारी घोडा, खच्चर एवम गधो मे होती है, परंतु यह कुत्ता, बिल्ली एवं बकरियो मे भी हो सकती है। बीमार पशु की त्वचा मे फोडे व घुमडिया, नाक के अंदर फटे हुए छाले, नाक से पीला स्राव आने लगता है, सांस लेने में तकलीफ के साथ साथ खांसी आने लगती है तथा तेज बुखार हो जाता है। जब कोई स्वस्थ पशु किसी बीमार पशु या उसके मुह और नाक से निकलने वाले स्राव के सम्पर्क मे आता है अथवा उसके साथ चारा पानी खाता है, तो उसे भी बीमारी लग सकती है। अतः बीमारी से बचने के लिए बीमार पशु की तत्काल स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए। स्वस्थ पशु को बीमार पशु से अलग रखना चाहिये। पशु को छूने या सम्पर्क मे आने के बाद हाथ एंटीसेप्टिक व साबुन से धोना चाहिए। यदि इस बिमारी से कोई पशु मरता है तो उसे 6-8 फीट गहरे गड्ढे मे दफनाना चहिए।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा बताया गया कि घोडा, खच्चर एवम गधो मे इस बीमारी का पता लगाने हेतु किए जा रहे सर्विलांस के तहत जनपद से प्रत्येक माह उक्त उल्लिखित पशुओ का सीरम नमूना पशु अनुसंधान केंद्र इज्जतनगर बरेली प्रयोगशाला को भेजा जाता, जहा से अभी तक किसी भी पशु का सीरम नमूना पाजिटिव नही आया है। समस्त पशुचिकित्साविदो को आगे भी सीरम नमूना लगातार प्रत्येक माह भेजते रहने का निर्देश दिया। नोडल अधिकारी डा0 पवन ने जनपदवासियो से अपील की है कि यदि कही भी इस बीमारी से ग्रसित पशु दिखाई पडे तो उसकी सूचना अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय को अवश्य दे। अंत मे मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 वीरेंद्र सिह द्वारा डा0 आब्दी, प्रशिक्षण मे प्रतिभाग कर रहे समस्त पशु चिकित्साविदो, वेटरिनरी फार्मासिस्टो एवं पशुधन प्रसार अधिकारियो सहित विभाग के सभी कर्मचारियो का आभार व्यक्त किया।

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