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Sunday, March 18, 2018

पांच दिवसीय मुवक्किल परामर्श और वैकल्पिक विवाद समाधान पर राष्ट्रीय कार्यशाला और संकाय विकास कार्यक्रम का हुआ समापन।

लखनऊ। एमिटी विश्वविद्यालय के विधि संकाय एमिटी लॉ स्कूल के पांच दिवसीय मुवक्किल परामर्श और वैकल्पिक विवाद समाधान पर राष्ट्रीय कार्यशाला और संकाय विकास कार्यक्रम का समापन हुआ। राष्ट्रीय कार्यशाला में देश भर से कुल 66 प्रतिभागियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। पांच दिवसीय कार्यक्रम का उदघाटन माननीय विधि मंत्री ब्रजेश पाठक जी के कर कमलों द्वारा किया गया। पांच दिवसीय कार्यक्रम में विधि क्षेत्र के विशेषज्ञ नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, के पूर्व कुलपति प्रोफेसर वी. नागराज, अपर महाअधिवक्ता विनोद कुमार शाही, वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष कुमार, आकाश प्रसाद, डॉ आशीष श्रीवास्तव,  ने कार्यशाला को संबोधित किया। एमिटी विधि विश्वविद्यालय में नेशनल वर्कशॉप एंड फैकल्टी देवेलोपमेंट प्रोग्राममे न क्लाइंट काउंसलिंग एंड अल्टरनेटिव डिस्प्यूट रेसोलुशन के आखरी दिन की शुरूवात प्रसेनजित कुंडू जी ने अपने भाषण से की जिसमे उन्होंने कमर्शियल आर्बिट्रेशन के ऊपर की विस्तृत रूप से वयाखया की और सभी सहभागियों को मैडिटेशन के बारे में भी बात की और तरीके भी सिखाये जिनसे वे किसी भी डर से आगे बढ़ सकते है एवं विधि के क्षेत्र में प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
राष्ट्रीय कार्यशाल का समापन पूर्व न्यायमूर्ति जस्टिस के.डी. शाही ने किया।
अंत मे एमिटी विधि संकाय के निर्देशक प्रोफेसर बलराज चौहान ने सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट देकर उन्हें शुभकामनाएँ दी एवं सफल आयोजन के लिए कार्यक्रम संयोजक डॉ मनु सिंह, डॉ तरु मिश्रा, प्रीति सिंह, पल्लवी सिंह समेत 25 सदस्यीय छात्र आयोजन समिति के कार्यो को सराहा एवं सफल आयोजन के लिए सबको बधाई दी।

यह जानकारी छात्र संयोजक अमन श्रीवास्तव ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।

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