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Tuesday, March 6, 2018

सरकारी मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई पर करने वाले छात्रों को अब कम से कम 2 वर्ष करना पड़ेगा राजकीय सेवा

लखनऊ -आज कैबिनेट की मीटिंग में एक अहम प्रस्ताव पर मुहर लगी जिसमे राजकीय मेडिकल कॉलेजों से पढ़ाई करके निजी क्षेत्र में ऊंची कमाई का ख्वाब देखने से पहले डॉक्टरों को अब कम से कम दो साल सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवा करनी होगी। इसके लिए मेडिकल विद्यार्थियों से पढ़ाई के दौरान ही अनिवार्य सेवा का बॉन्ड भराया जाएगा। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी पूरी करने के उद्देश्य से चिकित्सा शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने को मंजूरी दे दी है।
बता दें कि अब निजी मेडिकल कॉलेजों के मुकाबले कम फीस अदा कर राजकीय मेडिकल कॉलेजों से डिग्री लेने वाले डॉक्टरों को कुछ समय तक सरकारी अस्पतालों में रोकने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने यह फार्मूला तैयार किया है। इसके तहत एमबीबीएस डॉक्टरों को सीएचसी.पीएचसी और एमडी एमसीएच डॉक्टरों को बड़े अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों में दो साल तक सेवा देनी होगी। डॉक्टर यदि राजकीय अस्पतालों में सेवा नहीं देते है , तो उन्हें सरकार को निजी व राजकीय मेडिकल कॉलेजों में फीस के अंतर बराबर रकम वापस करनी पड़ेगी।

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