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Saturday, February 3, 2018

प्रभावी संचार के लिए सृजनात्मकता जरुरी: प्रो तबरेज- चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन ,प्रतिभागियों ने आपने अनुभवों को किया साझा

जौनपुर-  व्यवसाय प्रबंध  विभाग वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर एवं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शैक्षणिक नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन हुआ। वक्ताओं ने प्रभावी संचार पर अपनी बात रखी। यह चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार के  पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्रीय शिक्षक मिशन एवं शिक्षण द्वारा उत्प्रेरित एवं समर्थित रहा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम  दिन विश्वेश्वरैया सभागार में  अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रबंध अध्ययन संकायाध्यक्ष प्रोफेसर परवेज तालीब ने कहा कि  संचार के प्रभावी होने के लिए उसमें सृजनात्मकता होनी चाहिए। बोलते और लिखते समय हम जिन शब्दों का प्रयोग कर रहे है उसके भाव को समझना चाहिए।  वक्ता को संचार प्रारम्भ करने के पूर्व अपने श्रोताओं को ध्यान में रखना चहिये। उन्होंने संचार के सात सी पर चर्चा करते हुए प्रभावी सम्प्रेषण के लिए टिप्स दिए। प्रतिभागियों के लेखन क्षमता की वृद्धि के लिए काउन्सलिंग सत्र का आयोजन हुआ। अंतिम सत्र में प्रतिभागियों ने अपने अनुभवों को साझा किया। समापन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि प्रो रंजना प्रकाश ने कहा कि शिक्षकों के व्यवहार में नम्रता होनी चाहिए क्योंकि विद्यार्थी अपने शिक्षकों से ही सीख लेते है। शिक्षकों को  सदैव विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए।  विशिष्ट अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के   प्रो हरि प्रकाश ने अपने विचार व्यक्त किये। समन्यवयक मुराद अली ने चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की।  इसमें प्रो अजय प्रताप सिंह, प्रो अजय द्विवेदी , प्रो अविनाश पाथर्डीकर,डॉ विनोद सिंह,  प्रो बन्दना राय, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ पुष्पा सिंह,डॉ नूपुर तिवारी, डॉ संजीव गंगवार, डॉ सौरभ पाल, डॉ रसिकेश, डॉ संतोष कुमार,डॉ मनोज मिश्र, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ सुशील सिंह समेत अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे।

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