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Saturday, January 20, 2018

इंटरनेशनल कॉल करने वालो में 6 अरेस्ट, ATS ने क‍िया ग‍िरफ्तार

लखनऊ-.एटीएस ने बीते कई साल से इंटरनेशनल कॉल करने वाले 6 आरोपियों को शुक्रवार को कुशीनगर जिले से अरेस्ट किया है। आरोपियों को पुलिस कस्टडी में रिमांड पर लेकर अग्रिम पूछताछ की जाएगी। बता दें, एटीए द्वारा बीते साल इंटरनेट गेटवे को बाईपास कर और राष्ट्रीय सुरक्षा को धता बताते हुए कार्य करने वाले 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से 16 सिम बॉक्स और लगभग 50 हजार सिम बरामद किए गए थे। इस सिम बॉक्स में ट्रैफिक कहां से आ रहा था और नेट कॉलिंग कार्ड कहां से आम व्यक्त‍ि ले रहे थे, इसकी जानकारी नहीं हो पा रही थी। कुशीनगर में रहकर विदेश में करा रहे थे बात...यूपी एटीएस ने लोकल सूचना के आधार पर लगातर एक्टिव रहते हुए शुक्रवार को कुशीनगर पुलिस व टर्म सेल (Telecom Enforcement Resource and Monitoring) के सहयोग से ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ कर 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।-पकड़े गए आरोप‍ी राम प्रताप सिंह, विजय शर्मा, राम सिंगार सिंह, संतोष सिंह, हरिकेश बहादुर सिंह और बृजेश पटेल सभी कुशीनगर के अह‍िरौली थानाक्षेत्र के रहने वाले हैं।-संस्था का प्रमुख राम प्रताप सिंह दुबई में रह चुका है, जो आरएन ग्रुप प्रा. लि. नाम की संस्था के नाम से तिनहवा बाजार हाटा कुशीनगर रोड पर VoIP (Voice Over Internet Protocol) डायलर का काम करता था।क्या है SIM BOX का धंधा?-आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया, इसके अंतर्गत विदेश से इन्टरनेट कॉल कर सिम बॉक्स के माध्यम से वाइस कॉल में बदल कर भारत के किसी भी नंबर पर बात कराई जा सकती है। विदेशी नम्बर की जगह डिस्प्ले पर भारत का ही नंबर दिखेगा।-ऐसी कॉल गेटवे के माध्यम से नहीं आती है जिसके कारण भारतीय सुरक्षा एजेंसि‍यों एवं टेलिफोन नियामक कम्पनी TERM/TRAI के द्वारा इनकी म़ॉनि‍टरिंग किया जाना संभव नहीं हो पाता है।-ये लोग कॉलिंग कार्ड बेचते हैं जिनके माध्यम से कॉल करने पर इंटरनेट कॉल को वॉइस कॉल में बदल देते थे। राम प्रताप सिंह को प्रदेश के बाहर के एक व्यक्ति के द्वारा VOS3000 सॉफ्टवेयर के बारे में बताया गया था।-राम प्रताप का मुख्य सर्वर विदेश में है। इसमें सभी काम ब्राउजर के माध्यम से इन्टरनेट पर किया जाता है। VOS3000 का मुख्य कार्य VoIP कॉल को PSTN पर डायवर्ट करने का है।इन आरोपियों से SIM BOX पर जाने वाली कॉलों (traffic) को नियंत्रित किया जाता है अर्थात किस SIM BOX को कितनी कॉल देनी है।इनके पास 19 गेटवे आईपी थे और इसके द्वारा कॉल‍िंग कार्ड बेचकर लोकल ग्राहक भी बनाये जा रहे थे, जिसमें लगभग 6000 उपभोक्ता हैं। इन्होंने गत 2 वर्षों में इसके माध्यम से 33 लाख रुपए कमाएं हैं।
इस संबंध में थाना-अहिरौली, जनपद-कुशीनगर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर अग्रिम पूछताछ की जाएगी।

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