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Monday, January 22, 2018

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर 21 वें दीक्षांत समारोह का आयोजन


जौनपुर- वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 21 वें दीक्षांत समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में किया गया। दीक्षांत समारोह में प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री राम नाईक जी ने प्रथम प्रयास में स्नातक एवं स्नातकोत्तर में सर्वोच्च अंक पाने पर 57 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किया। इसके साथ ही दिव्य सेवा मिशन हरिद्वार के अध्यक्ष आशीष गौतम को डी.लिट् की मानद उपाधि से विभूषित किया।  इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दिलीप बाबा साहेब भोसले के अनुपस्थिति में उन्हें डी.  लॉज  की मानद उपाधि प्रदान की गई। दीक्षांत समारोह में 228 पी.एच-डी. धारकों को उपाधि एवं राजनीति शास्त्र विषय में डॉ. सुरेश कुमार सिंह को डी.लिट् की उपाधि प्रदान की गई।  
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक पद्म भूषण प्रोफेसर श्रीकृष्ण जोशी ने कहा कि आज गोल्ड मेडल और उच्च शिक्षा पाने वाले विद्यार्थी बहुत सौभाग्यशाली हैं क्योंकि हमारा भारत आज वाणिज्य और आर्थिक क्षेत्र में विश्व के शक्तिशाली देशों में शामिल है हमें युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल देश को समृद्धशाली बनाने में करना चाहिए उन्होंने कहा कि आज देश चौथी औद्योगिक क्रांति की ओर बढ़ रहा है इसके लिए हमें अपने कार्य शैली जीवन शैली समेत अन्य पहलुओं में भी बदलाव लाने की जरूरत है। उन्होंने इस बात पर चिंता जाहिर की कि 65 प्रतिशत बच्चे प्राइमरी के बाद ही अपनी शिक्षा बंद कर अन्य रोजगार में लग जाते हैं। उनका मानना है कि चौथी औद्योगिक क्रांति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की महत्वपूर्ण भूमिका होगी उन्होंने कहा कि बिग डाटा एनालिसिस के कारण निर्णय लेने की क्षमता व गुणवत्ता दोनों बढ़ेगी नए उत्पाद न्यूनतम दरों पर उपलब्ध होंगे। इस बिग डाटा के विशिष्ट ज्ञान के क्षेत्र में  गूगल माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, अमेज़न, फेसबुक एवं अन्य कंपनियां काफी प्रचुर मात्रा में निवेश कर रही हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि इस टेक्नोलॉजी द्वारा प्रत्येक नागरिक में सेवाओं सूचनाओं को प्राप्त करने उनका सशक्तिकरण किया जाएगा डिजिटल इंडिया मिशन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इस माध्यम से देश में सुरक्षित एवं संरक्षित स्थाई डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जा सकता है.
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं राज्यपाल उत्तर प्रदेश के माननीय राम नाईक ने कहा कि गोल्ड मेडल पाने वाले विद्यार्थियों के लिए यह खुशी का दिन है। जो विद्यार्थी इस प्रतिस्पर्धा में छूट गए हैं, उन्हें हिम्मत रखकर चुनौती को स्वीकार करना चाहिए। साथ ही असफलता का आत्म निरीक्षण करना चाहिए ऐसा करने वाला विद्यार्थी अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि आज हमारे देश के लिए युवक सबसे बड़ी पूंजी है, इसका सही दिशा  में उपयोग होना चाहिए।
उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर इसका उत्तर प्रदेश में 28 विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के प्रवेश के प्रतिशत का जिक्र करते हुए कहा कि छात्राएं, छात्रों के परीक्षा पढ़ाई में अत्यधिक आगे हैं और वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में तो छात्राएं 67 प्रतिशत और 33 प्रतिशत छात्र अध्ययन कर रहे हैं। सभी विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह समय पर होने से ऐसा लग रहा है कि प्रदेश में शिक्षा की गाड़ी पटरी पर आ रही है।
श्री राम नाईक ने कहा कि अगले सत्र में 31 अक्टूबर तक दीक्षांत समारोह कराने की कोशिश की जाएगी। 12 फरवरी को लखनऊ में कुलपतियों की बैठक में दीक्षांत समारोह की समय सीमा को निश्चित किया जाएगा।उन्होंने विद्यार्थियों को नसीहत देते हुए कहा कि आज दीक्षांत समारोह में जो प्रतिज्ञा कि उसे वह अपने जीवन में  गंभीरता से अमल करें और सदैव अपने माता- पिता और गुरुजनों का सम्मान करें।उन्होंने 1 जुलाई 2018 को 18 वर्ष पूरे होने करने वाले युवाओं को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का सुझाव दिया। साथ ही 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जाने की जानकारी दी उन्होंने कहा कि इस दिन 24000 करोड़ की लागत से 40 परियोजनाओं को शुरू किया जाएगा।


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