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Sunday, December 31, 2017

गन्ना वैज्ञानिकों द्वारा नई एक तकनीकी से गन्ने की सहफसली खेती

जौनपुर- विकासखण्ड डोभी के मढ़ी ग्रामसभा में गन्ना विभाग द्वारा एक गोष्ठी का आयोजन पूर्व प्रधान दशरथ राजभर की अध्यक्षता में किया गया। गन्ना शोध संस्थान शाहजहांपुर से प्रजाति विशेषज्ञ डाॅ0 अरविन्द   
सहित विभिन्न वैज्ञानिकों द्वारा नई प्रजाति को0से0 11453, को0शा0 0238 के बारे में बताया कि इसका उत्पादन एक हजार कु0 प्रति हेक्टेअर है। डाॅ0 सुभाष सिंह ने गन्ने की वैज्ञानिक खेती पर प्रकाश डाला। बुआई की नई तकनीकी ट्रेन्च विधि से सहफसली खेती कर अधिक आय प्राप्त कर सकते है। सरकार की मंशा के अनुसार सहफसली खेती के माध्यम से किसानों की आय दुगुनी की जा सकती है। गन्ने की फसल की सुरक्षा के बारे में डाॅ0 अरूण सिंह ने बताया कि दीमक के प्रकोप के लिए बैवेरिया वैसियाना 2 किग्रा0 प्रति एकड़ एवं कीट नियंत्रण के लिए बरसात के पहले कोराजन 150 मिली0 प्रति एकड़ 400 ली0 पानी में मिलाकर उसकी जड़ों में छिड़काव करके 24 घंटे के अंदर सिचाई करने को बताया। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अखिलेश्वर सिंह ने विभागीय योजनाओं के बारे विस्तृत रूप से बताया। सहायक शोध निदेशक मनोज श्रीवास्तव ने किसानों के भ्रमण के बारे में बताया। अध्यक्षता कर रहे दशरथ राजभर ने आये हुए क्षेत्रीय किसानों एवं वैज्ञानिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ0 विनोद सिंह ने किया। इस अवसर पर उमेश सिंह, अशोक विनोद, रामअवध मौर्य आदि उपस्थित रहे।   

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