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Thursday, November 9, 2017

डीएम ने कहा - आदर्श आचार संहिता का करें पालन

VPITSजौनपुर। जिला निर्वाचन अधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने नगर निकाय चुनाव को सकुशल, शान्तिपूर्ण, निष्पक्ष सफल बनाने हेतु आदर्श आचार संहिता का पालन करें। उम्मीदवार, मतदान पूरा होने के लिए नियत समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घण्टे की अवधि के दौरान सिनेमा, दूरदर्शन या अन्य समान माध्यमों से जनता के लिए कोई निर्वाचन सम्बन्धी विषय-वस्तु प्रदर्शित नहीं कर सकता है। कोई उम्मीदवार अपनी मूर्ति या देवी/देवताओं आदि की मूर्तियों के चित्रण से युक्त डायरी/कैलेण्डर/स्टीकर का मुद्रण और वितरण नहीं कर सकता है इसे भारतीय दण्ड संहिता की धारा 171-ई के अन्तर्गत रिश्वत देना माना जाएगा। दल/उम्मीदवार के चुनाव चिन्ह् से युक्त मुद्रित किए हुए ’’स्टेपनी कवर’’ या अन्य समान सामग्रियों का अथवा बिना उन्हें चित्रित किए वितरण किया जाना प्रतिबन्धित है। यदि यह प्रमाणित हो जाए कि ऐसी सामग्रियों का वितरण किया गया है तो जिला प्रशासन द्वारा उसके विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 171- बी के अन्तर्गत एरिया मजिस्ट्रेट  के समझ परिवाद दर्ज किया जा सकता है। राजनैतिक दल या उम्मीदवार द्वारा अस्थायी कार्यालयों को सार्वजनिक या निजी सम्पत्ति पर/किन्हीं धार्मिक स्थलों में या ऐसे धार्मिक स्थलों के परिसर में/किसी विद्यमान मतदान केन्द्र से 200 मीटर के भीतर/किसी शैक्षिक संस्था/चिकित्सालय के सन्निकट अतिक्रमण करके नहीं खोला जा सकता है ऐसे कार्यालय, दलीय चुनाव चिन्ह्/फोटोग्राफ सहित केवल एक दल का झण्डा और बैनर प्रदर्शित कर सकते है तथा ऐसे कार्यालयों में प्रयुक्त बैनर के आकार की माप ’4 फीट गुणे 8 फीट’ से अधिक नहीं होगी।  प्रचार प्रसार की अवधि (मतदान समाप्त होने के 48 घण्टे पूर्व से प्रारम्भ होने वाली) समाप्त होने के पश्चात् ऐसे राजनैतिक पदाधिकारियों को निर्वाचन क्षेत्र में निरन्तर उपस्थित नहीं रहना चाहिए जो निर्वाचन क्षेत्र के बाहर से आए हों और जो उस निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता न हों। ऐसे पदाधिकारियों को प्रचार-प्रसार अवधि समाप्त होने के तत्काल पश्चात् निर्वाचन क्षेत्र को छोड़ देना चाहिए। यह उम्मीदवार या उसके निर्वाचन अभिकर्ता के मामले मे लागू नहीं होगा भले ही वे उक्त निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता न हो।  ऐसे किसी राजनैतिक दल के पदाधिकार, जो राज्य में निर्वाचन प्रभारी हों, को राज्य मुख्यालय में अपने प्रवास स्थल की घोषणा करनी होगी और प्रश्नगत अवधि के दौरान उसकी गतिविधि सामान्यतः उसके दलीय कार्यालय और उसके प्रवास स्थल के मध्य तक सीमित रहेगी। मतदान समाप्त होने के 48 घण्टे से पूर्व प्रारम्भ होने वाली अवधि के पहले प्रचार हेतु जुलूस निकालने और किसी सार्वजनिक या निजी स्थान पर सभा आयोजित करने के लिए सक्षम प्राधिकारियों से पूर्व अनुमति प्राप्त करनी होगी । मतदान समाप्त होने के 48 घण्टे से पूर्व प्रारम्भ होने वाली अवधि में जुलूस निकालने और किसी सार्वजनिक या निजी स्थान पर सभा आयोजित करने पर पूर्णतः प्रतिबन्ध रहेगा। निर्वाचन परिणाम की घोषणा के उपरान्त विजय जुलूस निकालने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सक्षम प्राधिकारियों से अनुमति प्राप्त किए बिना सार्वजनिक सभा करने या जुलूस निकालने या सामान्य प्रचार-प्रसार करने के लिए लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं किया जा सकता है। लाउडस्पीकर का प्रयोग करने के लिए सम्बन्धित प्राधिकारियों से पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करनी होगी। लाउडस्पीकर का प्रयोग रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक नही किया जा सकता है। सार्वजनिक सभाएं, रात्रि 10 बजे के पश्चात् और प्रातः 6 बजे के पूर्व नही की जा सकती है कोई भी उम्मीदवार मतदान पूरा होने के लिए नियत समय के साथ समाप्त होने वाली 48 घण्टे की अवधि के दौरान कोई सार्वजनिक सभा नहीं कर सकता है और जुलूस नहीं निकाल सकता है।                    
                     

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