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Monday, October 30, 2017

डीएम ने फीता काटकर पुस्तक मेले का किया उद्घाटन

जौनपुर। तिलकधारी सिंह महिला महाविद्यालय सभागार में राजकमल प्रकाशन समूह द्वारा आयोजित पुस्तक मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र, पूर्व आई.जी. बद्रीप्रकाश सिंह ने विधिवत फीता काटकर किया। दीप प्रज्जवलित कर सरस्वती के चित्र पर मल्यार्पण किया। संस्थापक तिलकधारी सिंह एवं पूर्व प्रबन्धक अशोक सिंह के मूर्ति पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण किया गया। तिलकधारी कालेज की डा. सरोज सिंह ने बताया कि जौनपुर साहित्यकारों एवं कवियों की धरती है हिन्दी के प्रचार प्रसार में साहित्यकारों का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें मनोरंजन, ज्ञानवर्धान तथा सकारात्मक सोच विकसित करती है। विशिष्ट अतिथि डा. धर्मराज सिंह ने बताया कि पुस्तकों में लेखक की आत्मा एवं उसके विचार रहते है। पुस्तकें पढ़ने से ही सही ज्ञान प्राप्त होता है, पुस्तके न उधार लेकर पढ़ना चाहिए न ही उधार देना चाहिए। सभा द्विवेदी प्रखर ने पुस्तकों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने कहा कि पुस्तके कालजयी होती है उन्होंने कहा कि वैदिक काल में साहित्य शून्य प्रचार प्रसार था। भारत देश में सर्वप्रथम प्रगति मैदान दिल्ली में पुस्तक मेले में प्रदर्शनी लगाई गयी। कमल प्रकाशन समूह द्वारा देश के बडे शहरों में पुस्तक मेले का आयोजन किया जाता था। आज जौनपुर जैसे शहर में दो वर्ष से पुस्तक मेले का आयोजन करने के लिए बधाई दिया। उन्होंने बताया कि पुस्तक मेले में प्रकाशक, लेखक और पाठक के उपस्थित होने से त्रिवेणी के उद्गम से बहुत ही धारा होता है। जिलाधिकारी के चाचा डा0 जयराम मिश्र ने विभिन्न प्रकार की पुस्तकों को लिखा है जिसे राजकमल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। पुस्तके व्यक्ति की सबसे अच्छी शहचरी, मार्गदर्शिका, ज्ञानगुरु के रुप में प्रयोग में आती है। जिलाधिकारी ने बताया कि माॅ भारती का कोष ज्यो-ज्यो व्यय किया जाता है त्यो-त्यो बढता है। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 12 हजार प्रकाशक है तथा पुस्तकों के मामले में भारत तीसरे स्थान पर है। उन्होंने लोगों से अपील किया कि पुस्तके खरीदकर पढे। कार्यक्रम के अध्यक्ष पूर्व आई0जी0 बद्रीप्रसाद सिंह ने बताया कि पुस्तकों के पढ़ने की प्रथा कम हो रही है आज अच्छे-अच्छे महाविद्यालयों में भी पुस्तकों के पढ़ने में छात्रों की रुचि नही है। उन्होंने अपने छात्र जीवन के बारे में बताया कि प्रो0 छात्रहित देखते है छात्र स्वार्थहित देखता है। राजकमल प्रकाशन समूह के अंजनी कुमार मिश्र ने कहा कि जिलाधिकारी, पूर्व आई.जी. साहितिक परिवार से जुडे हुये है पुस्तक मेले में आने के लिए अतिथियों सहित सभी के प्रति अभार व्यक्त किया। पुस्तक मेला 4 नवम्बर तक चलेगा, प्रतिदिन विभिन्न विषयों पर गोष्ठी आयोजित की जायेगी। पुस्तक मेले का अवलोकन अतिथियों द्वारा किया गया तथा पुस्तकों के बारे में मेला आयोजित करने के लिए श्री मिश्र की प्रसंशा भी किया। इस अवसर पर प्रबन्ध समिति के कोषाध्यक्ष संजय सिंह, प्रचार्य डा0 वंदना सिंह, डा0 मधुलिका सिंह सहित अन्य अध्यापिकाए, छात्राएं उपस्थित रही। संचालन सुनील विक्रम सिंह ने किया। 

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