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Wednesday, October 25, 2017

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम की हुई शुरुआत

शिक्षकों में उद्यमी की सोच होना जरुरी - डा० विभा
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फार्मेसी संस्थान के शोध एवं नवाचार केंद्र में उद्यमिता विकास के लिए तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम की शुरुआत हुई। इसका आयोजन उद्यमिता विकास संस्थान लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वाधान में किया गया है।इसमें इंजीनियरिंग संस्थान के शिक्षकों प्रतिभाग किया।
उद्धाटन सत्र में  उद्यमिता विकास संस्थान की  स्रोत विद्वान डॉ विभा  त्रिपाठी ने कहा कि विद्यार्थियों में उद्यमिता का विकास करने के लिए शिक्षकों की क्षमता में वृद्धि होना आवश्यक है। जब शिक्षकों की सोच में उद्यमिता होगी तो विद्यार्थी भी इसमें लाभांवित होंगे। उन्होंने शिक्षकों में उद्यमिता की सोच विकसित करने के लिए तमाम बातें की। उन्होंने कहा कि उद्यमिता विकास संस्थान राज्य स्तर पर उद्यमिता व मानव संसाधन विकास के लिए सेंटर ऑफ़ एमसीलेन्स के रूप में काम कर रहा है। हमने युवा वर्ग में उद्यमिता के विकास के लिए काफी सफलता पाई है।
इसी क्रम में लखनऊ से आई डॉ पद्मा अय्यर ने  संचार कौशल की बारीकियों पर  चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए सदैव प्रयासरत रहना चाहिए। इंजीनियरिंग संस्थान के शिक्षकों ने प्रतिभागी के तौर पर अपनी बात रखी।
संकायाध्यक्ष प्रो बीबी तिवारी ने कहा कि तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता वृद्धि कार्यक्रम के अंतर्गत भारत सरकार  के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा 15 करोड़ का अनुदान मिला है जिसके अन्तर्गत विविध कार्यक्रम होंगे।इस प्रोजेक्ट की सफलता के लिए उन्होंने कुलपति प्रो डॉ राजा राम यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।  धन्यवाद ज्ञापन संजीव गंगवार ने किया। इस अवसर पर डॉ प्रवीण सिंह, डॉ जे पी लाल, शैलेष प्रजापति, रितेश बरनवाल, ज्ञानेंद्र पाल, प्रशांत सिंह, ज्योति सिंह, मनीषा यादव, अपर्णा सिंह, सत्यम उपाध्याय समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे। 

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