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Saturday, October 28, 2017

स्कूली बच्चों की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था पर हुई कार्यशाला संपन्न

स्कूल में लगने वाले ड्राइवर की पुलिस वेरिफिकेशन करा लें व मेडिकल फिटनेस हर साल चेक कराये 
जौनपुर। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग भारत सरकार द्वारा आज कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में बच्चों के स्कूल बसों में यात्रा करने वाले स्कूली बच्चों की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था पर कार्यशाला/समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला प्रदेश में केवल जौनपुर जिले में आयोजित की गयी। कार्यशाला में सम्भागीय परिवहन अधिकारी वाराणसी आर.पी. द्विवेदी ने उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी किये गये दिशा निर्देशों का विस्तार से जानकारी दिया। जिसमें सामान्य शर्तें सुरक्षा से सम्बन्धित मानक एवं सीट की व्यवस्था पर प्रकाश डाला। 
सम्भागीय परिवहन अधिकारी ने उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों का अनुपालन विद्यालय के प्रबन्धक/प्रधानाचार्य से करने का निर्देश दिया साथ ही सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी प्रर्वतन को निर्देशित किया कि विद्यालयों में अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय। जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश कुमार शुक्ला ने अपने सम्बोधन में कहा कि बसों में बच्चों को बैठने की व्यवस्था बेहतर हो जिससे बच्चों का जीवन सुरक्षित रहे। प्रधानाचार्य/प्रबन्धक के रुप में बच्चों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील होना ही पडेगा। बच्चों एवं उनके अभिभावकों को भी सड़क सुरक्षा के नियम एवं संकेतों के बारे में जागरुक करना पडेगा। इस कार्यशाला का संदेश जनपद के उन सभी विद्यालयों को जाना चाहिए जो यहाॅ पर नही उपस्थित हो पाये है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के विशेषज्ञ डा0 रजनीकान्त एवं डा0 मधुलिका द्वारा मा. उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी किये गये दिशा निर्देश का विस्तार से वर्णन किया। डा. रजनीकान्त ने कहा आयोग यहा पर मा. न्यायालय के दिशा निर्देशों का शतप्रतिशत अनुपालन कराने के लिए ही जनपद में आया हॅू।
 विद्यालयों के प्रबन्धक और प्रधानाचार्यो को आयोग का स्पष्ट संदेश है कि कही कोई अगर विद्यालय में एवं वाहन में कमी है तो उसे तत्काल दूर करा लें। बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 0 से 18 वर्ष की आयु पूर्ण न करने वाले बच्चों के सम्बन्ध में सरकार के जो भी नियम है उसे विद्यालयों को लागू करना होगा। स्कूल में लगने वाले ड्राइवर की पुलिस वेरिफिकेशन जरुर करा लें साथ ही उसका मेडिकल फिटनेस हर साल चेक कराये जिसमें उसकी आॅख की जाॅच आवश्यक है। विद्यालय की प्रधानाचार्यो से बस ड्राइवरों से बच्चों से डा. रजनीकान्त ने फीड बैक लिया तथा उनको जरुरी सुझाव दिया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिला प्रोबेशन अधिकारी विपिन कुमार यादव ने कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी डा. राजेन्द्र प्रसाद सिंह, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी द्वय प्रवर्तन सौरभ कुमार, अनिल राय, बाल संरक्षण अधिकारी चन्दन राय, विधि सह परवीक्षा अधिकारी मुरलीधर गिरि, अध्यक्ष/सदस्य बाल कल्याण समिति, समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी, विद्यालय के प्रबन्धक, प्रधानाचार्य, स्कूल के बच्चे एवं उनके अभिभावक, स्कूल बस ड्राइवरों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन सुलह समझौता केन्द्र के संधिकर्ता डा. दिलीप कुमार सिंह ने किया। 

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