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Sunday, October 29, 2017

योगी सरकार अब चरित्र व हैसियत प्रमाणपत्र भी ऑनलाइन करेगी जारी

लखनऊ। प्रदेश सरकार गवर्नेंस में पारदर्शिता के लिए ई-टेंडर, ई-मार्केट और ई-ऑफिस शुरू करने के बाद अब चरित्र प्रमाणपत्र व हैसियत प्रमाणपत्र भी ऑनलाइन जारी करने की तैयारी कर रही है। एक दिसंबर से इसकी शुरूआत करने की तैयारी है।
मालूम हो कि प्रदेश में चरित्र प्रमाणपत्र जिले के पुलिस कप्तान की संस्तुति पर जिलाधिकारी बनाते हैं जबकि हैसियत प्रमाणपत्र जिलाधिकारी के स्तर से सीधे जारी होता है। चरित्र व हैसियत प्रमाणपत्र बनवाने में लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
चरित्र प्रमाणपत्र के लिए पुलिस रिपोर्ट लगवाने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वहीं हैसियत प्रमाणपत्र जारी करने में आवेदकों को राजस्व महकमे के अफसरों की जी हुजूरी को मजबूर होना पड़ता है। बिना सिफारिश इसमें आनाकानी की शिकायतें आती हैं।
कई बार कलेक्टर हैसियत प्रमाणपत्र बनाने में कलेक्टर आवेदक को विभिन्न सामाजिक कार्यों या गतिविधियों में मदद देने के लिए मजबूर करते हैं। कई कलेक्टर तो अल्प बचत का लक्ष्य पूरा करने के लिए आवेदकों से एनएससी कराने का भी दबाव बनाते हैं।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो सीएम योगी आदित्यनाथ ने चरित्र व हैसियत प्रमाणपत्र जारी करने की पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसी के चलते प्रमुख सचिव शशि प्रकाश गोयल ने ऑनलाइन व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया है।
आवेदन के कितने दिनों के भीतर अधिकारियों को यह प्रमाणपत्र जारी करने होंगे इसकी समय सीमा भी जल्द तय की जाएगी। सिटीजन चार्टर में सभी तरह के प्रमाणपत्र बनाने की समय सीमा तय होगी।

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