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Wednesday, October 25, 2017

किसी भी अच्छी शिक्षा को दूसरों को बताने से पहले खुद पर अमल करें - सत्यनारायण महाराज

जौनपुर।  अपने बुराइयों को दूर कर लेना ही सच्ची समाज सेवा है। जब तक हम अपने आप को नही सुधार लेंगे तब तक इस समाज को सुधारने की कल्पना करना संभव नही है। इसलिए किसी भी अच्छी शिक्षा को दूसरों को बताने से पहले खुद पर अमल करें। 
उक्त बातें शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे गायत्री परिवार के स्वामी सत्यनारायण महाराज ने जनपद के सुजानगंज क्षेत्र के गोसाई बीर बाबा धाम स्थित दिव्य गायत्री मंदिर में कथा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि सभी चाहते है कि समाज से कुरीतियों को दूर भगाया जाय लेकिन खुद कुरीतियां फैला रहे है। सभी चाहते है कि दहेज प्रथा बन्द हो लेकिन हमें मिले। प0 राम शर्मा आचार्य का यही संदेश है कि हम सुधरेंगे युग सुधरेगा, हम बदलेंगे युग बदलेगा। इसलिए कोई भी बुराइयों को सबसे पहले खुद खत्म करने का प्रयास करे। आज समाज मे जो भी बुराई है हम उसके स्वयं जिम्मेदार है। यदि हम कुछ इस देश और समाज को देना चाहते है तो इस समाज से बुराइयों के खात्मा करना होगा और वो बुराई सबसे ज्यादा अपने अंदर है इसलिए पहले अपने मन को साफ  रखे। भगवान ने भी कहा है निर्मल जन मन सो मोहि पावा। मोहि कपट छल छिद्र न भावा। इसलिए यदि भगवान के दर्शन पाना है तो सबसे पहले अपने मन और विचार को साफ रखें।
स्वामी जी गायत्री मंदिर के छठे वार्षिकोत्सव के प्रथम दिन बोल रहे थे। कथा के प्रारम्भ होने से पूर्व हवन भी कराया गया। 
इस कथा में विद्याशंकर तिवारी, विद्यासागर त्रिपाठी, नारायण, अशोक, आलोक मणि, दुर्गा प्रसाद सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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