menubar

breaking news

Friday, October 13, 2017

जौनपुर में खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन विभाग की प्रथम बैठक हुयी सम्पन्न


जौनपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन विभाग की प्रथम बैठक जिलाधिकारी सर्वज्ञराम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुयी जिसमे  केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोशिएसन द्वारा यह सुझाव दिया गया कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा दवा की दुकान के खाद्य पंजीकरण/अनुज्ञप्ति खाद्य कारोबारकर्ताओं के इच्छानुसार 01 से 05 वर्ष के लिये जारी किये जाय । दुग्ध एवं दुग्ध से निर्मित खाद्य पदार्थो की गुणवत्ता बनाये रखने हेतु सम्बन्धित खाद्य कारोबारकर्ताओं के  सतत् निरीक्षण करने हेतु समिति द्वारा प्रस्ताव रखा गया ।
10 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक शासन द्वारा प्रवर्तन कार्यवाही करने हेतु जारी आदेश के  अनुपालन में जिलाधिकारी द्वारा निर्गत अभियान आदेश के बारे में समिति को बताया गया और समिति के सदस्यों से यथा सम्भव सहयोग की अपील की गयी । समिति द्वारा खाद्य तेल की गुणवत्ता को लेकर असंतोष जाहिर करते हुए खाद्य तेल से सम्बन्धित खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरूद्ध सतत् प्रवर्तन कार्यवाही किये जाने का सुझाव दिया गया । समिति द्वारा दुग्ध एवं दुग्ध से निर्मित खाद्य पदार्थों से सम्बन्धित खाद्य कारोबारकर्ताओं को साफ-सफाई के साथ-साथ मानक युक्त कण्टेनर के बारे में प्रशिक्षित करने का सुझाव दिया गया । सामान्य उपभोक्ताओं को जागरूक एवं शिक्षित किये जाने हेतु चलाये जा रहे जागरूकता कार्यक्रम की आवृत्ति एवं गुणवत्ता को और अधिक बढ़ाये जाने का सुझाव दिया गया । सामान्य उपभोक्ताओं को पाॅलीथिन कैरीबैग के अनावश्यक उपयोग से बचने हेतु शैक्षणिक संस्थानों को सम्मिलित किये जाने का सुझाव दिया गया और साथ-साथ ही ब्लाक स्तर पर ग्राम प्रधानों के माध्यम से ग्रामीण आबादी को शिक्षित एवं जागरूक किये जाने का सुझाव दिया गया । हाॅकर/अस्थायी/ हाथ ठेला/रेहड़ी /खोमचा/मेले-ठेले में खाद्य कारोबारकर्ताओं को पंजीकरण के दायरे में स्वैच्छापूर्वक सम्मिलित होने के लिये उत्प्रेरित करने हेतु किसान दुर्घटना बीमा की तरह ही खाद्य पंजीकरण के साथ बीमा योजना से आच्छादित किये जाने का सुझाव समिति द्वारा दिया गया, जिसका लाभ खाद्य कारोबारकर्ताओं को लगातार  वर्ष खाद्य कारोबार करने का सम्बन्धित पंजीकरण प्राधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के बाद ही दिया जाय । जिले में स्थानीय खाद्य पदार्थ दोहरा जिसके विषय में पूर्व से चली आ रही अवधारणा कि ‘दोहरा एक कैंसर कारक खाद्य पदार्थ है’ इसके उपभोग को रोकने हेतु की गयी प्रवर्तन कार्यवाही को सतत् और नियमित रूप से आगे भी जारी रखते हुए जनपद को दोहरा के दुष्प्रभाव से हमेशा-हमेशा के लिये मुक्त किये जाने का सुझाव दिया गया । नकली एवं अधोमानक, अपमिश्रित तथा मिथ्याछाप औषधियों के विरूद्ध वर्तमान में प्रचलित प्रवर्तन कार्यवाही को सतत् और गुणवत्तापरक बनाये जाने का सुझाव दिया गया ।  एजेन्डावार मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, इन्द्र बहादुर यादव ने प्रस्तुत किया तथा विभाग द्वारा प्रवर्तन कार्यो का विवरण भी प्रस्तुत किया । जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने शासन के निर्देशानुसार तीन माह में बैठक के स्थान पर प्रत्येक माह बैठक कराने का निर्देश दिया । इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर अनिल पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी आरपी मिश्र, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी, उप दुग्ध विकास, जिला आपूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह, लेखाधिकारी रमाशकंर निषाद, औषधि निरीक्षक, जिलाधिकारी द्वारा नामित अधिकारी डा. लल्लन राम  मौर्य, शकील अहमद, इन्द्रभान सिंह इन्दु, श्रीमती अन्जू सिंह एवं जिला अभित अधिकारी एके मिश्र उपस्थित रहे।

No comments:

Post a Comment