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Wednesday, October 4, 2017

वीबीएस पूर्वांचल विश्वविद्यालय में राम कथा सुन भाव विभोर हुए श्रोता

पांच दिवसीय राम कथा का शुभारंभ 
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संगोष्ठी भवन में गुरुवार को पांच दिवसीय राम कथा का शुभारंभ हुआ। पहले दिन राम कथा प्रवचन में देश के प्रख्यात राम कथा वाचक श्री शांतनु जी महाराज ने कहा कि विद्या मंदिर में राम कथा का आयोजन अद्भुत संयोग है।आज विज्ञान का युग है।विज्ञान ने  तन के मैल को धोने के लिए बहुत कुछ दिया है लेकिन मन के मैल के धोने के कोई विधि नहीं बताई। गोस्वामी जी ने मन के मैल को धोने के लिए राम का नमन करने को कहा है। आज का मनुष्य कुसंग में शामिल होने के लिए विचार नहीं करता लेकिन सत्संग में शामिल होने के लिए अपने से तमाम सवाल करता है।
उन्होंने कहा कि जब भक्त मन से प्रभु को याद करता है तो प्रभु चले आते है।भक्त और एकादशी के भोग पर एक लौकिक प्रसंग राजा राम आइये मेरे भोजन का भोग लगाइये सुना कर सभी को भाव विभोर कर दिया।कथानक में भक्त के प्रेम पर प्रभु राम  ने भरत को भंडारी बना दिया, लखन को लकड़ी लाने को भेजा, हनुमान को सफाई का काम सौप दिया ,माँ जानकी को रसोई की जिम्मेदारी दे दी। भक्त के स्नेह पर प्रभु राम ने खुद उसे भोजन कराया। प्रभु राम ने  भक्त से कहा कि मेरा मेल सरल लोगों से है कठिन लोगों को मैं नहीं दिखता।  
प्रवचन के पूर्व व्यास पीठ का पूजन दरबारी लाल,कुलपति प्रो डॉ  राजा राम यादव , प्रो बी बी तिवारी,प्रबंधक अशोक सिंह,  वित्त अधिकारी एम के सिंह, कुलसचिव संजीव सिंह, संयोजक  डॉ अजय प्रताप सिंह, डॉ के एस तोमर , डॉ बी डी शर्मा ने किया।
 कुलपति प्रो डॉ  राजा राम यादव, प्राचार्य डॉ विनोद कुमार सिंह, डॉ एस पी सिंह, डॉ राधे श्याम सिंह, डॉ ए के श्रीवास्तव, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ दिनेश कुमार सिंह,सुमन सिंह, हिमांचल सिंह, एम एम भट्ट, संजय श्रीवास्तव, अशोक सिंह, रजनीश सिंह ने कथा वाचक शांतनु जी महाराज का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्व प्रचारक एवं राम कथा समिति के समन्वयक  शतरुद्र प्रताप सिंह ने श्री राम कथा वाचक श्री शांतनु जी महाराज का जीवन वृत्त प्रस्तुत किया।संचालन मीडिया प्रभारी डॉ मनोज मिश्र ने किया।कथा सुनने के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी, आस पास के ग्रामीण सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

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