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Sunday, October 15, 2017

अपर निदेशक, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी समेत 12 अफसर हुए निलंबित

लखनऊ। परफॉरमेंस ग्रांट के आवंटन में अनियमितता पर पंचायतीराज राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चौधरी भूपेन्द्र सिंह ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 अफसरों को निलंबित कर दिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अपर निदेशक प्रशासन राजेन्द्र सिंह, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी केशव सिंह, अपर निदेशक पंचायत एसके सिंह पटेल और उपनिदेशक पंचायत गिरीश चन्द्र रजक समेत 12 अफसरों को निलंबित कर दिया है।
सेवानिवृत्त निदेशक पंचायतीराज अनिल कुमार दमेले के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मामले की तह तक जाने के लिए विजिलेंस जांच कराई जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
मालूम हो कि परफॉर्मेंस ग्रांट के लिए ग्राम पंचायतों का चयन करने के लिए निदेशक पंचायतीराज की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने 699.7529 करोड़ की ग्रांट की धनराशि आवंटित करने के लिए 1798 ग्राम पंचायतों का चयन किया था।
सरकार को ग्राम पंचायतों के चयन में अनियमितताओं की शिकायतें काफी समय से प्राप्त हो रही थीं। जिनका सज्ञान लेते हुए वर्तमान निदेशक, पंचायतीराज द्वारा ऑडिट रिपोर्टों का परीक्षण करने पर अनेक विसंगतियां नजर आईं थीं।
इसके पश्चात सभी जिलाधिकारियों को परफॉर्मेंस ग्रांट के व्यय पर रोक लगाने के आदेश 26 जुलाई 2017 को जारी किए गए थे। आदेश जारी होने तक 699.75 करोड़ में से 107 करोड़ करोड़ खातों से निकाले जा चुके थे बाकी पर रोक लग गई थी।
जांच में पाया गया है कि ऐसी ग्राम पंचायतों को भी परफॉर्मेंस ग्रांट का लाभ दे दिया गया, जिनका ऑडिट ही नहीं हुआ है। साथ ही कुछ खास ग्राम पंचायतों को लाभ दिए जाने के लिए जिला पंचायतराज अधिकारियों से संस्तुति प्राप्त किए बिना ही उनका चयन कर लिया गया।

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