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Saturday, September 16, 2017

अयोध्या केस के हिंदू पक्ष से मुख्य पक्षकार निर्मोही अखाड़े के सरपंच महंत भास्कर दास का निधन

नई दिल्ली। अयोध्या में राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद विवादित परिसर में मंदिर मस्जिद निर्माण के अधिकार के दावे को लेकर हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षकारों में हिंदू पक्ष से मुख्य पक्षकार निर्मोही अखाड़े के सरपंच महंत भास्कर दास का लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया।
सूत्रों से मिली जानकारी 89 वर्ष के श्री दास बीते काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उन्हें सांस लेने में समस्या हो रही थी बीते बुधवार को ही उन्हें अस्पताल में इलाज के लिए भर्तीं कराया गया था जहां शनिवार की भोर करीब तीन बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। महंत भास्कर दास वर्तमान में निर्मोही अखाड़े के सरपंच और नाका हनुमान गढ़ी के महंत थे। महंत भास्कर दास के निधन पर अयोध्या के संतों ने और राम मंदिर मुक़दमे के अन्य पक्षकारों ने गहरा शोक जताया है। दिवंगत महंत भास्कर दास का पार्थिव शरीर लोगों के अंतिम दर्शनार्थ नाका हनुमानगढ़ी परिसर में रखा गया है। महंत भास्कर दास का अंतिम संस्कार राम नगरी अयोध्या के सरयू तट पर किया जाएगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अयोध्या के विवादित स्थल पर मंदिर मस्जिद के मुकदमे में महंत भास्कर दास की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इस मुकदमे में वह हिंदू पक्ष से एक पक्षकार के रूप में मुकदमा लड़ रहे हैं, सन 1959 में निर्मोही अखाड़े के महंत रघुनाथ दास ने राम जन्मभूमि पर अपने दावे को लेकर न्यायालय में वाद दाखिल किया था। वही उसी परिसर में स्थित राम चबूतरे के पुजारी के रूप में पूजा पाठ करने वाले महंत भास्कर दास ने भी इसी मुकदमे में शामिल होते हुए अपनी ओर से भी एक और मुकदमा भी दाखिल किया था। करीब 5 दशक तक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 30 सितंबर 2010 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने अपना फैसला सुनाया था जिसमें इस मामले में हिन्दू मुस्लिम दोनों पक्षों के पक्षकारों को एक-एक हिस्से की भूमि देने का फैसला सुनाया गया था। लेकिन पूरे भूखंड पर अपने स्वामित्व की लड़ाई को लेकर निर्मोही अखाड़े के सरपंच महंत भास्कर दास ने देश की सबसे बड़ी अदालत सर्वोच्च न्यायालय में अपील दाखिल की है और वर्तमान में भी वह अपने अधिवक्ता के जरिये इस मुकदमे की पूरी शिद्दत से पैरवी कर रहे थे लेकिन अब उनके चले जाने के बाद संभवतः उनके शिष्य महंत राम दास अब इस मामले की पैरवी करेंगे। 

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