menubar

breaking news

Saturday, September 16, 2017

विद्यार्थी किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास के विभिन्न पहलुओं पर भी दें ध्यान - प्रो० रंजना प्रकाश

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शनिवार को विश्वेश्वरैया सभागार में ट्रेनिंग एंड  प्लेसमेंट सेल की  निदेशक प्रोफ़ेसर रंजना प्रकाश ने प्रबंध अध्ययन संकाय, विज्ञान संकाय एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल एवं बुनियादी व्यवहार पर आज  रोजगारपरक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी विशेषज्ञता वाले क्षेत्र का उल्लेख करते हुए अपना बायोडाटा लिखने और फिर उसे प्लेसमेंट सेल में प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास के विभिन्न पहलुओं पर भी अपना ध्यान दें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज प्रतिस्पर्धा के दौर में हमें हर स्थिति से निबटने को तैयार होना होगा। इसके लिए आपको अधिक मेहनत करने की जरुरत  है।
 इस अवसर पर प्रो रंजना प्रकाश ने बताया कि अलग-अलग संकायों हेतु प्लेसमेंट पुस्तिका प्रकाशित कर  विभिन्न संगठनों, उद्योगों एवं उनके मानव संसाधन विकास विभागों में भेजा जायेगा। जिससे यहाँ संचालित होने वाले पाठ्यक्रमों के बारे के उन्हें पता चल सके। आने वाले समय में कंपनियों को कैंपस प्लेसमेंट हेतु परिसर में आमंत्रित किया जाएगा। यहाँ के विद्यार्थियों को पढाई पूरी करते ही नौकरी मिल सके इस दिशा में व्यापक प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित संस्थान, कंपनियां और संगठन विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के चयन हेतु परिसर में आएंगे।
विद्यार्थियों को प्रोफेसर बीबी  तिवारी, डा० बी डी शर्मा, डा० अजय प्रताप सिंह एवं डा० अविनाश पाथर्डीकर ने भी सम्बोधित किया।
साथ ही वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग में ओजोन दिवस के अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. इसके साथ ही वक्ताओं ने ओजोन संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए। पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉक्टर कार्तिकेय शुक्ल ने कहा कि इस वर्ष हम मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल की तीसवीं वर्षगांठ मना रहे हैं। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के दिशा निर्देशों का पालन होने से एचसी एफसी एवं सीएससी के उत्सर्जन में कमी आई है। जिसके कारण ओजोन परत का क्षरण कम हुआ है हमें भविष्य में भी इस दिशा में सजग होने की आवश्यकता है।
पर्यावरण विभाग के पूर्व विद्यार्थी एवं इटली में शोध वैज्ञानिक डॉक्टर अश्वनी तिवारी ने ओजोन परत की उपयोगिता से छात्रों को परिचित कराया। उन्होंने कहा कि नई तकनीकी के वाहन बीएस-4 का प्रयोग बड़े पैमाने पर उपयोग होना चाहिए जिससे प्रदूषण नियंत्रण संभव हो सकेगा।
ओजोन दिवस दिवस के अवसर पर आयोजित निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताओं में विभाग के छात्र छात्राओं ने भाग लिया। उन्होंने ओजोन संरक्षण एवं मौसम बदलाव पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन डा० विवेक पांडे ने किया।
इस अवसर पर इस अवसर पर डा० मनोज मिश्र, डा० आशुतोष सिंह, डा० एसपी तिवारी, डा० दिग्विजय सिंह राठौर, डा० अवध बिहारी सिंह, डा० सुनील कुमार, डा० रुश्दा आज़मी, डा० राजेश शर्मा, डा० सुधीर उपाध्याय, ऋषि श्रीवास्तव सहित विद्यार्थी मौजूद रहे। सञ्चालन डा० अजय द्विवेदी द्वारा किया गया। 

No comments:

Post a Comment