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Friday, September 8, 2017

एमिटी लॉ स्कूल के छात्रों ने गाँव में किया सर्वे, शिविर लगा कर ग्रामीणों को करेंगे जागरूक

लखनऊ। एमिटी लॉ स्कूल के लीगल एड सेल के छात्रों ने आज मरखापुर गाँव में सर्वे किया। ये गाँव लखनऊ ज़िले के गोसाइगंज खंड के अंतर्गत आता है। गाँव में जाकर छात्रों ने गाँव की बदहाली व लोगों की दीन हीन दशा की जानकारी ली। गाँव की अधिकतम जनसंख्या मज़दूरी कर के अपना जीवन गुज़र बसर करती है व अधिकतम जनसंख्या मज़दूर वर्ग की है।
गाँव में नालियाँ, सड़कें व अन्य प्राथमिक व्यवस्था भी दीन हीन अवस्था में थीं। चलने के लिए सड़कें नहीं थीं, और जो भी थी वह नाली व जल निकास की सही व्यवस्था न होने के कारण जल भराव से डूबी हुयी थीं। सड़कों पर जमा हुआ व सड़ता पानी नाना प्रकार की बीमारियों को जन्म दे रहा है। गाँव के कई बच्चे बीमारियाँ जैसे कि दस्त, उलटी, बुखार आदि से ग्रस्त थे। गाँव में राशन कॉर्ड भी मुहैया नहीं है। कुछ लोग के पास राशन कॉर्ड है भी तो उन्हें राशन और केरोसीन का तेल नहीं मिलता। 
लोगों से व्यक्तिगत तौर पर बात करने से यह ज्ञात हुआ की गाँव में शौचालय व पेयजल की समस्या प्राथमिक थी। लगभग 600 की जनसंख्या वाले इस गाँव में किसी भी घर में शौचालय नहीं है व पूरा गाँव शौच के लिए बाहर खेतों में जाता है। शौचालय ना बनवाने का कारण पूछने पर गाँव वालों ने अपनी आर्थिक मजबूरियाँ ज़ाहिर कर दीं। गाँव के बुज़ुर्ग रामपाल का कहना था कि" यह गाँव का कोई माई बाप नहीं है। अनाथ है ये गाँव। कितनी सरकारें आयी और चली गयीं, लेकिन यह गाँव अपनी बदहाली से नहीं उभरा।" गाँव के ही निवासी राजेश का कहना था कि "गाँव में कभी भी कोई भी अधिकारी या सरकारी आदमी गाँव की सूध लेने नहीं आता।  
गाँव की दुर्दशा को देखते हुए एमिटी लॉ स्कूल के लीगल एड सेल के छात्रों ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ मिलकर 10 सितंबर को शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है।
शिविर में प्रत्येक चीज़ें शामिल हैं जिसमें छात्र गाँव वालों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे। सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं की जानकारी देंगे। शिविर में उपस्थित न्यायाधीश व अधिवक्ता गाँव वालों की विधिक जनकरियाँ व सहायता उपलब्ध करेंगे। छात्रों द्वारा एक नुक्कड़ नाटक का मंचन जिसके माध्यम से छात्र गाँव वालों को उनके मतदाता अधिकारों से अवगत कराएँगे व सही प्रत्याशी के चयन के लिए प्रेरित करेंगे। गाँव से जुड़े न्यायिक मामलों का निकट भविष्य में विधिक प्राधिकरण द्वारा आयोजित लोक अदालत में निपटारा होगा। गाँव वालों की सहूलियत के लिये विधि के छात्रों ने गाँव में राशन कॉर्ड, आधार कॉर्ड व मतदाता पहचान पत्र बनवाने का आयोजन करने का भी निर्णय किया है। छात्रों ने ग्रामीणों का बैंक खाता खुलवाने का भी प्रबंध किया है, जिससे गाँव वालों को सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं से जुड़ने में आसानी हो।
गांव के सर्वेक्षण के दौरान एमीटी विधिक सहायता केंद्र की संकाय समन्वयक प्रो. पूजा कौशिक, प्रो. अक्षिता व क्षात्रों में सिद्धार्थ सिंह, नलिन मिश्रा, शाश्वत, दुष्यन्त, अतिशय, अनुज, अभिषेक, ईशांत, शाद, आशि, आरती मौजूद थे। छात्रों का कहना है कि बदलाव छोटे स्तर से ही होता है, अतः यही बदलाव की शुरुआत है।

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