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Saturday, September 16, 2017

अगर नहीं की मां-बाप की देखभाल तो कटेगी सैलरी, पास हुआ नया कानून

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नई दिल्ली असम विधानसभा ने माता-पिता की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए एक अहम विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। जिसमें अगर राज्य सरकार के कर्मचारी अपने अभिभावकों और दिव्यांग भाई-बहनों की देखभाल नहीं करेंगे तो उनके मासिक वेतन से 10 प्रतिशत राशि काट ली जाएगी।
सूत्रों की मानें तो देश में अपनी तरह के संभवत: इस पहले विधेयक में यह व्यवस्था है कि कर्मचारी के वेतन से काटी गई राशि उनके अभिभावकों या भाई-बहनों को देखभाल के लिए दी जाएगी। राज्य सरकार की तरफ से कहा गया है कि जल्द ही विधायकों, सांसदों, असम में चलने वाले पीएसयू एवं निजी कंपनियों के लिए भी इसी तरह का बिल लाया जाएगा। 
प्रोनाम विधेयक को सदन में रखते हुए राज्य सरकार में मंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा ने कहा कि ऐसा देखा जा रहा था कि माता-पिता वृद्धाश्रम में जा रहे हैं क्योंकि बच्चे उनकी देखभाल नहीं करते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए यह विधेयक लाया गया है। इसका उद्देश्य राज्य सरकार के कर्मियों की निजी जिंदगी में हस्तक्षेप करना नहीं है। बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि यदि माता-पिता या दिव्यांग भाई बहनों की उपेक्षा होती है तो वे ऐसे सरकारी कर्मी के विभाग में शिकायत दर्ज करा सकें।

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