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Friday, September 1, 2017

कोर्ट ने आरोपी पति को 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं छ:हजार रुपये अर्थ दंड की सुनाई सजा

vijay pratapजौनपुर। जनपद के पवारा थाना क्षेत्र के हिम्मतपुर गांव में तीन वर्ष पूर्व दहेज की मांग को लेकर पत्नी को प्रताड़ित करने व आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में आरोपी पति को दोषी करार देते हुए शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज बलराज सिंह ने खुले न्यायालय में 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं छ: हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। 
अभियोजन कथानक के अनुसार इलाहाबाद जनपद के होलागढ थाना क्षेत्र के देवराज का पूरा गांव निवासी धीरेन्द्र बहादुर सिंह ने पवारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बहन रूबी सिंह की शादी 5 मई 2007 को पवारा थाना क्षेत्र के हिम्मतपुर गांव निवासी आशीष सिंह पुत्र शमशेर बहादुर के साथ किया था अपनी हैसियत के मुताबिक दान दहेज दिया था लड़की विदा होकर ससुराल गई तो उसके ससुरालीजन पति आशीष सिंह व सास सुमित्रा सिंह दहेज में दो लाख रूपये की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगे मारने पीटने लगे उक्त मांग पूरी ना होने पर 31 मई 2014 की सुबह 7 बजे उसे मारकर फांसी पर लटका दिया पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करके आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया अभियोजन पक्ष से जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार यादव व एसएमयूके हसन सिद्दीकी ने कुल छ गवाह कोर्ट में परीक्षित कराया।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस एवं तर्को को सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात आरोपी पति आशीष सिंह को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई जबकि आरोपी सास को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। 

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