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Saturday, August 26, 2017

प्रधानमंत्री आवास योजना के जांच के दौरान अपात्र लाभार्थी को योजनान्तर्गत दी जाने वाली सहायता राशि तत्काल रोक दी जायेगी व धनराशि की वसूली हेतु नियमसंगत होगी कार्यवाही

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जौनपुर। मुख्य विकाश अधिकारी आलोक सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का मुख्य रुप से उद्देश्य सभी बेघर परिवारों और कच्चे जीर्ण शीर्ण मकानों में रह रहे लोगों को 2022 तक बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य तथा सबके लिये घर के उद्देश्य को पूरा करना है।
उक्त आवास निर्माण की एरिया 25 वर्ग मीटर (स्वच्छ रसोई हेतु क्षेत्र सम्मिलित) होगी, जिसमें रहने का कमरा, बरामदा व रसोई का निर्माण किया जायेगा। आवास की सहायता ईकाई 1,20,000 रुपये, जो 03 किस्तों में रु0 40000, 70000 एवं 10000 लाभार्थी के खाते में अन्तरित किया जायेगा। इसके अलावा शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण से 12000 रुपये की सहायता दी जायेगी। आवास तभी पूर्ण माना जायेगा, जब शौचालय पूर्ण होगा।
आवास हेतु पात्रता सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना 2011 के सर्वेक्षण के आधार पर तैयार की गयी सूची के क्रमानुसार (क) आवास विहीन परिवार (ख) बेसहारा भीख मांगकर जीवन यापन करने वाले परिवार (ग) हाथ से मैला ढ़ोने वाले (घ) आदिम जनजातीय समूह (च) वैधानिक रुप से मुक्त कराये गये बधुआ मजदूर सम्मिलित हैं।
ऐसे परिवार को जो प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के मानदण्डों के अनुसार सहायता पाने के पात्र हैं, परन्तु सेक (सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना 2011) में शामिल नही है तथा इस प्रकार से क सूची अन्तर्गत पात्रता सूची में न होने से वर्तमान में पात्र नही हैं तथा लाभान्वित नही हो सकते। जांच के दौरान यदि कोई लाभार्थी अपात्र पाया जाता है तो उसे योजनान्तर्गत दी जाने वाली सहायता राशि तत्काल रोक दी जायेगी व धनराशि की वसूली हेतु नियमसंगत कार्यवाही करायी जायेगी।
यद्यपि कि मेरे द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पात्र शिकायतों की जाॅच करायी जा रही है तथा इसमें आवास की धनराशि के दुरुपयोग, अनियमितता, व्यपहरण पाये जाने पर वसूली, विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करायी जा रही है। योजनान्तर्गत भ्रष्टाचार तथा दुरभिसंधि पाये जाने पर कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। इसके उपरान्त भी आवास संबंधी यदि कोई भ्रष्टाचार की शिकायत है तो उसे सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक एवं मुख्य विकास अधिकारी से की जा सकती है। योजना में दी गयी सहायता राशि व अतिरिक्त सहायता शासकीय सहायता है तथा कोई भी अनाधिकृत माॅग करने वाले या बिचैलिये के संबंध में कठोर कार्यवाही की जायेगी।

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