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Friday, August 18, 2017

जालांस का शो रूम तत्कालीन डीएम के रोक के बावजूद किन परिस्थितियों में कराया गया चालू

सिटी मजिस्ट्रेट दफ्तर से पत्रावली की खोजबीन शुरू 
जांच के बाद ही हो सकेगा खुलासा 
कई अधिकारी व कर्मचारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में
जौनपुर। तत्कालीन जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी ने दो साल पूर्व  टीबी अस्पताल के करीब खुले जालांस शो रूम को मास्टर प्लान में नक़्शे एव  कागजातों की कमी के चलते तात्कालिक प्रभाव से पूरी पत्रावली तलब कर ली थी ,उनका तबादला होते ही संबंधित बाबूओ ने खेल करते हुए पूरी फाइल ही गायब कर दी थी, लेकिन मामला दो वर्ष पुराना होने के कारण नवागत जिलाधिकारी के आने के बाद मास्टर प्लान द्वारा इस प्रकरण से संबन्धित समस्त पत्रावली विभाग से गायब पाए गए। 
इस प्रकरण की सिटी मजिस्ट्रेट से जब मीडिया ने पूछा तब जाकर कुछ अहम् तथ्य सामने आये है, पूर्व में इस प्रकरण से संबंधित तत्कालीन एडीएम, मास्टर प्लान के बाबू (जो मौजूदा समय में मऊ जनपद में तैनात है ), सभी से जब मौजूदा सिटी मजिट्रेट ने फोन से जानकारी मांगी तो उनके होश फाख्ता रह गए की, जिसमे पूर्व में डीएम ने जब रोक लगाई थी तो किसके आदेश से इस शो रूम को खोल दिया गया।
बता दें कि टेलीफोन से वार्ता के दौरान पूर्व डीएम ने बताया की मास्टर प्लान में सही नक्शा न होने के कारण उस समय इस शॉपिंग माल पर रोक लगा दी गयी है, फ़िलहाल इस समय इस शॉपिंग माल का रजिट्रेस्शन एक मेडिकल पर चल रहा है, सवाल यह उठता है बिना जिला प्रशासन के इशारे पर इतना बड़ा खेल आखिर कैसे खेला जा सकता है। जांच में सिटी मजिस्ट्रेट ने धारा 10 के तहत इस प्रकरण की जाच के आदेश दे दिए है।  फिलहाल जांच के बाद क्या रिपोर्ट आती है और संबंधित विभाग पर डीएम क्या कठोर कदम उठाते है ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।  

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