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Saturday, August 19, 2017

चीन ने ब्रह्मपुत्र और सतलुज नदी का पानी बिना डाटा शेयर किये भारत में छोड़ा

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नई दिल्ली। चीन ने पहली बार ब्रह्मपुत्र और सतलुज नदी से भारत में पानी छोड़ने को लेकर कोई डाटा शेयर नहीं किया है। भारत के उत्तर-पूर्व इलाक़े में लगभग दो हफ़्ते से नदियों ने विकराल रुप धारण कर लिया है और यूपी, बिहार, असम और बंगाल जैसे कई राज्यों में बाढ़ से लगभग 300 लोगों की मौत हो गई है जबकि करोड़ों की संख्या में लोग प्रभावित हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विदेश मंत्रालय के आधिकारी ने कहा कि हर साल मानसून के मौसम में 15 मई से 15 अक्टूबर के बीच हाइड्रोलॉजिकल डाटा साझा किया जाता है, यह आंकड़ा अभी तक साझा नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि डाटा साझा करने के लिये 2013 और 2015 में दोनों देशों के बीच दो समझौते हुये हैं, लेकिन इस साल अब तक चीन ने भारत को सतलुज और ब्रह्मपुत्र नदियों में पानी छोड़ने को लेकर कोई हाइड्रोलॉजिकल डाटा नहीं दिया है, जो द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन है।
बता दे कि हाइड्रॉलॉजिकल डाटा हर मानसून में ऊपरी राज्यों द्वारा निचली नदी के राज्यों को काम करने के लिए साझा किया जाता है, ताकि पानी के प्रवाह का अनुमान लगाया जा सके और बाढ़ से निपटने के लिए समय रहते उचित उपाय किए जा सकें।
सूत्रों की मानें तो यह अंदेशा लगाया जा रहा था कि चीन भारत को घेरने और आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए जान बूझकर ब्रह्मपुत्र नदी में तिब्बत के रास्ते पानी छोड़ रहा है, जिस कारण बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गये हैं।

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