menubar

breaking news

Monday, August 28, 2017

भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन संपन्न

vptजौनपुर। सरजू प्रसाद शैक्षिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था जज कालोनी जौनपुर के तत्वाधान में नवगीत के प्रणेता डाॅ. शम्भुनाथ सिंह की पावन स्मृति में जन्मशती पर एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। गीत, गजल, हास्य व्यंग के ठहाको से श्रोताओं ने भरपूर आनन्द उठाया। कार्यक्रम का शुभारम्भ रामजीत मिश्र द्वारा डा0 शम्भुनाथ के गीतों के द्वारा हुआ। ‘‘दुनिया के उजियारे पथ पर नाम छोड़ कर आये है, हम भोले बन्जारे गांव छोड़कर आये है‘‘। प्रख्यात शायर आकिल जौनपुरी ने अपनी गजलों से श्रोताओं के मन को मोह लिया ‘‘जिनकी आंखांे में ख्वाब होते है, बस वही कामयाब होते है‘‘। अनिल उपाध्याय की लिखी पंक्तियां खूब पसंन्द आयी ‘‘सुनकर धनवान मरीज का बीमारी का रोना, डाक्टर ने बताया  आपकी बीमारी का कारण है ज्यादा सोना‘‘। अंसार जौनपुरी के कलाम खुब सराहे गये ‘‘यूं किसी के लिए मुस्कुराना हुआ वरना हमको हंसे एक जमाना हुआ‘। गिरीश श्रीवास्तव गिरीश ने मुक्तक और गजल श्रोताओं खुब सराहे गये ‘‘पडी़ है जान पर मुश्किल मेरी तलाश में है, खड़ी है सामने मुश्किल मेरी तलाश में है‘‘। अहमद निसार की गजलें ताली की गड़गड़ाहट के साथ सुनी गयी। ‘‘इसके पहले कि शब्द मर जाये आओ कुछ देर गुप्तगूं कर ले‘‘ ‘‘मै क्या जानू हिन्दु मुस्लिम‘‘ सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने बनावटी बौधिकता पर व्यंग किया ‘‘जिनकी बु़िद्ध है चार कौडी़ की मै उनके उपदेश पी रहा हुं, मै छद्यम परिवेश जी रहा हूं। डा. पी.सी. विश्वकर्मा की गजले जिन्दगी को रेखांकित करते हुयी लगीं ‘‘कभी गुहर कभी हीरा सनम बनकर तरह तरह से  ये पत्थर फरेब देता है‘‘ कार्यक्रम में जनार्दन अस्थाना ने प्रकृति का चित्रण करते हुए कहा कि ‘‘फागुन ने  धीरे से कहा चैत सुन टपक रहा महुआ है चुपके से सुन‘‘। वरिष्ठ पत्रकार साहित्यकार हिमांशु उपाध्याय ने जिन्दगी से संबंन्धित खूबसूरत रचनाये प्रस्तुत किया। डा0 शुम्भुनाथ पर काव्य पाठ किया। वरिष्ठ रचनाकार ओमप्रकाश मिश्र के अपनी रचनाओ से श्रोताओं का मंत्रमुग्ध किया। ‘‘गीत दर्द की आॅंखो को दुनिया नम नजर आये ता क्या जुर्म अपनी ही कहानी रोज दोहराये तो क्या‘‘। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रख्यात नवगीतकार और अपरआयुक्त वाराणसी मंडल ओमधीरज ने अपनी गीतो से लोगो को झगझोर दिया ‘‘टप टप बूदों से लिख जाते गीतों के मुखडे़ ओ बादल के टुकडे‘‘। डा. शम्भुनाथ के पुत्र राजीव सिंह ने जन्मशती पर सभी साहित्यकारों को सम्मानित किया । संचालन सभाजीत द्विवेदी प्रखर, धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम के संयोजक संजय उपाध्याय ने किया। कार्यक्रम में जनपद के अनेक गणमान्य उपस्थित रहे जिसमें नन्द किशोर सिंह, सुशील दूबें, हिमांशु उपाध्याय, अनिल सिंह, दिव्याशुं उपाध्याय, रघुनाथ द्विवेदी आदि लोग बडी़ संख्या में उपस्थित रहे । 

No comments:

Post a Comment