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Sunday, July 23, 2017

कायस्थ समाज किसी भी दल का न होकर सर्वदलीय है - हृदय नारायण श्रीवास्तव


जौनपुर। कायस्थ समाज का जन्म नहीं हुआ है, क्योंकि यह अजन्मा है। इस समाज की उत्पत्ति सीधे ब्रह्मा जी से हुई है, इसलिये यह चित्रांश बंधु समाज के सभी 4 वर्णों में से किसी में नहीं आता है। कायस्थ बंधु समाज के सभी वर्णों के लिये खड़े हैं, क्योंकि यह समाज केवल इंसानियत के लिए जीता है। 
उक्त बातें अखिल भारतीय कायस्थ महासभा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष हृदय नारायण श्रीवास्तव ने आज पत्रकार वार्ता के दौरान कही। जौनपुर नगर के एक होटल में आज आयोजित क्षेत्रीय बैठक के पूर्व पत्रकारों से हुई वार्ता के दौरान श्रीवास्तव ने कहा कि हमारा समाज सभी वर्णों के मेधावी बच्चों के लिये सदैव आगे रहा है और आगे भी रहेगा। कायस्थ समाज किसी भी दल का न होकर सर्वदलीय है लेकिन किसी भी दल द्वारा उसे अपना नहीं माना जाता है, इसलिये राजनैतिक लाभ भी नहीं मिल पाता है। अन्त में उन्होंने बताया कि महासभा का गठन वर्ष 1925 में इसी जनपद जौनपुर में हुआ था और महासभा के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. राजेन्द्र प्रसाद थे जो आगे चलकर स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने थे। वहीं महासभा के गठन सभा की अध्यक्षता सरदार बल्लभ भाई पटेल ने किया था जो आगे चलकर देश के गृह मंत्री बने थे। पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष प्रमोद निगम, प्रदेश कोषाध्यक्ष विरेन्द्र श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष/वाराणसी मण्डल प्रभारी शैलेन्द्र श्रीवास्तव, युवा प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष सिन्हा, राजनीतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री/कार्यक्रम संयोजक प्रदीप श्रीवास्तव, प्रदेश अध्यक्ष रतन कुमार श्रीवास्तव, महिला प्रदेश अध्यक्ष नीरा सिन्हा, युवा जिलाध्यक्ष संजय अस्थाना सहित अन्य स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे। अन्त में प्रदेश संगठन मंत्री/जिलाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने समस्त आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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