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Friday, July 21, 2017

बिना बीएड डिग्री के स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को नौकरी से धोना पड़ेगा हाथ

नई दिल्ली। देश के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए बड़ी खबर आई है। वो शिक्षक जिनके पास बीएड की डिग्री नहीं है उनके लिए खतरे की घंटी है, 31 मार्च 2019 तक ऐसे शिक्षकों को बीएड की डिग्री हासिल करनी होगी, नहीं तो बिना बीएड डिग्री के स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लोकसभा में आज एक महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा हुई, जिसमें देश के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के करीब आठ लाख शिक्षकों को बीएड की योग्यता हासिल करने का आखिरी मौका दिया गया है। हालांकि सरकार ने साथ ही कहा कि 31 मार्च 2019 तक बीएड की डिग्री हासिल कर लें वरना बिना बीएड डिग्री के स्कूलों में पढ़ा रहे ऐसे शिक्षकों को नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। 
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने लोकसभा में विधेयक को पेश करते हुए कहा कि इस समय प्राइवेट स्कूलों में करीब साढे पांच लाख और सरकारी स्कूलों में ढाई लाख शिक्षक जरूरी न्यूनतम योग्यता नहीं रखते हैं और उन्हें यह योग्यता यानी बीएड करने का आखिरी मौका देने के लिए यह एक मौका है।
उन्होंने कहा कि गैर प्रशिक्षित अध्यापकों की तरफ से छात्रों को पढ़ाया जाना बहुत नुकसानदायक है और ऐसे में 2019 तक सभी कार्यरत शिक्षकों को अनिवार्य न्यूनतम योग्यता हासिल करना होगा, वरना उनकी नौकरी चली जाएगी।
इस एक्ट के तहत यदि किसी राज्य में शिक्षकों के ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट या योग्य शिक्षक पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हैं तो वह शिक्षकों को पांच साल के भीतर यानी 31 मार्च 2015 तक न्यूनतम योग्यता हासिल करने की छूट प्रदान करता है। 

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