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Monday, July 10, 2017

आईआईटी में दाखिले की काउंसलिंग पर लगी रोक सुप्रीम कोर्ट ने हटाई

नई दिल्ली। आईआईटी में दाखिले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़े निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आईआईटी में दाखिले की काउंसलिंग पर लगी रोक हटा दी है। 
दरअसल, दो गलत जवाब दिए जाने पर छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए जाने का विवाद कोर्ट में उठाया गया था। याचिका में कहा गया कि जिन छात्रों ने जवाब देने की कोशिश की उन्हें ग्रेस मार्क्स दिए जाने चाहिए। 
बता दें कि इससे पहले मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आईआईटी-जेईई की काउंसिलिंग पर रोक लगा दी, साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की और कहा था कि आईआईटी-जेईई से जुड़ी किसी भी याचिका पर सुनवाई न की जाए। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपक मिसरा और ए एम खानविलकर की बेंच ने ये स्टे ऑर्डर जारी किया।
मामला बढ़ जाने के बाद न्यायमूर्ति अभय मोहन सप्रे और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अवकाशकालीन पीठ ने मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय और आईआईटी मद्रास खरी-खरी सुनाई। सूत्रों की मानें तो कोर्ट ने पूछा था कि प्रवेश परीक्षा में ऐसे छात्रों को बोनस अंक क्यों दिए गए, जिन्होंने गलत छपे प्रश्नों को हल करने का प्रयास ही नहीं किया। दोनों को एक हफ्ते के भीतर जवाब देने को कहा था। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट का ताजा फैसला आया है।
गौरतलब है कि छात्रा ने आईआईटी-जेईई परीक्षा में ग्रेस मार्क्स देने को चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि परीक्षा में शामिल सभी छात्रों को गलत प्रश्नों के एवज में बोनस अंक दिए गए। इसमें गलत प्रश्नों के एवज में आईआईटी मद्रास ने सभी छात्रों को 18 अंक दिए थे।

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