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Saturday, July 15, 2017

बहुचर्चित वी० डी० ओ० का अन्ततः हो ही गया तबादला

प्रकरण को लेकर राज्य मंत्री व पार्टी के कई विधायक हो गये थे आमने सामने 
जौनपुर। प्रदेश शासन ने जनपद में स्थानांतरित होकर आये बहुचर्चित वी० डी० ओ० राजेश यादव को बलिया का रास्ता दिखाकर पैरवीकर्ता को इस बात का संकेत दिया है कि सरकार भ्रष्ट आचरण के अधिकारियों को कत्तई पसंद नहीं करती। 
बता दें कि प्रदेश के संभल जनपद से स्थानांतरित होकर आये वी० डी० ओ० राजेश यादव जिनपर सोनभद्र जनपद में मनरेगा में कई करोड़ के घोटाले का आरोप है, जिसकी जाँच सीबीआई कर रही है।
शासन में पिछले कई दिनों से जनपद में चर्चा का विषय बन चुके वी० डी० ओ० के प्रकरण को लेकर राज्य मंत्री गिरीश यादव व पार्टी के ही कई विधायक आमने सामने हो गये थे। 
इस पूरे मामले में जहाँ प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री एवं सदर विधायक गिरीश यादव ने वी० डी० ओ० राजेश यादव को जौनपुर में मलाईदार ब्लाक पर पोस्टिंग कराने को अपने प्रतिष्ठा से जोड़ रखा था, वहीं पार्टी के ही जौनपुर के कई विधायक भ्रष्ट अधिकारी को जौनपुर से बाहर का रास्ता दिखाने पर आमदा थे। 
प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ से मिलकर पार्टी के ही विधायकों ने यह अवगत कराया था कि भ्रष्ट आचरण के आरोपी वी० डी० ओ० राजेश यादव को यदि विकासखंड पर तैनाती दी गयी तो विकास कार्य कम स्वविकास अधिक करेगा। 
सीएम के कड़े निर्देश पर अंततः शासन ने चर्चित वी० डी० ओ० राजेश यादव का तबादला जौनपुर जिले से बलिया जिले को कर दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन की इस कार्यवाही से पूरे जनपद के प्रबुद्ध जनों ने सरकार पर भरोसा जताया है और चाहा है कि ऐसे ही जनपद के सीएमओ दफ्तर समेत कई विभागों में वर्षों से कुंडली मारकर बैठे अधिकारी तो अधिकारी कई कर्मचारी करोड़पति बाबू बन बैठे हैं।
प्रबुद्धजनों ने चाहा है कि प्रदेश सरकार के मुखिया समय रहते शासन स्तर पर एक भरोसे मंद जांच टीम का गठन कर संदिग्ध आचरण के अधिकारी एवं कर्मचारी के फहरिस्त की जाँच कराकर दोषी पाए जाने की स्थिति में उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही कराते। 

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