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Monday, July 17, 2017

30 दिनों के अंदर शादी का पंजीकरण नहीं कराया तो देना पड़ेगा जुर्माना

नई दिल्ली। राष्ट्रीय विधि आयोग ने केंद्र सरकार से विवाह पंजीकरण अनिवार्य करने के लिए नया कानून पारित करने की सिफारिश की है। 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसमें आयोग ने यह भी कहा है कि जो तय समय के भीतर पंजीकरण नहीं कराएगा उसे हर दिन के हिसाब से विलंब शुल्क देना होगा। पंजीकरण कराने की अवधि विवाह के 30 दिनों के भीतर रखी गई है जो 30 दिनों के भीतर पंजीकरण नहीं कराएगा उसे प्रतिदिन 5 रुपये के हिसाब से विलंब शुल्क देना होगा।
अपनी 270वीं रिपोर्ट में आयोग ने कहा कि सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह पंजीकरण अनिवार्य किया जाना चाहिए। आयोग ने रजिस्ट्रेशन आॅफ बर्थ एंड डेथ एक्ट 1969 में संशोधन की सिफारिश की है संशोधन के बाद जन्म, विवाह एवं मृत्यु पंजीकरण कानून बनाया जाएगा। इसमें कहा गया है कि इसके बाद सभी जाति, धर्म और पंथों के लोगों को एक केंद्रीय कानून के तहत लाया जाएगा जिसमें उन्हें अपनी शादी का पंजीकरण कराना होगा। 
मालूम हो कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी शादियों के रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य करने की बात कह चुका है और इसकी तर्ज पर कुछ राज्यों केरल, हिमाचल प्रदेश और बिहार की सरकारें इस लागू भी कर चुकी है जबकि यूपी की योगी सरकार भी इस दिशा में अपने कदम बढ़ा चुकी है। इस नए कानून से विवाह संबंधी कई अपराधों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

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