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Wednesday, July 5, 2017

पं0 दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित अन्त्योदय मेंला/प्रदर्शनी का प. दीनदयाल के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया शुभारम्भ

जौनपुर। आज पूर्वाहन 11 बजे प्रमुख सचिव सूचना उ. प्र. शासन के निर्देशानुसार जिले मे पं0 दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विकासखण्ड करजांकला में आयोजित अन्त्योदय मेंला/प्रदर्शनी का विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह प्रिंशु, सीडीओ शीतला प्रसाद श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी प्रियकां प्रियदर्शनी, डिप्टी कलेक्टर/खण्ड विकास अधिकारी ज्योति मौर्या,  प्रभारी सूचना अधिकारी के.के त्रिपाठी, द्वारा प. दीनदयाल के चित्र पर माल्यार्पण शुभारम्भ किया। प्रदर्शनी के अवलोकन के उपरान्त मुख्य अतिथि एमएलसी बृजेश सिंह प्रिन्सु ने प.दीनदयाल के व्यक्तिव के बारे मे प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति समाज मे बहुत कम ही जन्म लेते है ऐसे महान व्यक्ति समाज के लिए कुछ ऐसा कर जाते है कि जिसका पूरा राष्ट्र और समाज हमेंशा अनुसरण करता है। उन्होने सभागार मे उपस्थित लोंगो से एक-एक वृक्ष अवश्य लगाने का अनुरोध किया। 
मुख्य विकास अधिकारी शीतला प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि कृषि के क्षेत्र में हमलोग आगे निकल रहे है लेकिन दुग्ध उत्पादन में हम अभी भी पिछडे है। उन्होने बताया कि सरकार की नीतीयों एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हम पूरी तरह से उठाये तो निश्चित ही गांव के लोग जल्द ही धनाड्य किसान की श्रेणी में आ जायेंगें। कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर/खण्ड विकास अधिकारी ज्योति मौर्या ने पं0दीनदयाल उपाध्याय के जीवनवृत्त पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म मथुरा जिले के नगला चन्द्रभान में 25 सितम्बर 1916 हुआ था। उनके पिता भगवती प्रसाद उपाध्याय माता रामप्यारी थी। इनकी शिक्षा- दीक्षा आगरा एवं इलाहाबाद में हुयी। सिविल सेवा उतीर्ण होने के बाद भी इन्होने नौकरी नही किया बल्कि 1937 में राष्ट्रीय स्वंय सेवक सघं से जुडे़। प. उपाध्याय चिन्तक एवं विचारक थे। सरल सौम्य सहज स्वभाव के होते हुए भी इन्होने साम्यवाद अन्तयोदय सर्वोदय के प्रेणता रहे। इनके कई पुस्तके प्रकाशित हुई है जो जीवन को नई दिशा देती है। 11 फरवरी 1968 को इनकी आकस्मिक मृत्युु मुगलसराय के पास हो गयी थी। कृषि तकनीकी सहायक रमेश चन्द्र यादव ने अपने विभाग की योजानाओं  के बारे मे विस्तार से जानकारी दी। 
उन्होने ने बताया कि किसान उन्नत किस्म के बीजो यन्त्रों की जानकारी पूर्ण रूप से न होने के कारण फसलों का उत्पादन कम कर पाते है उन्होने बताया कि जिले के किसान कृषि सम्बन्धी जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते है उन्होने किसान भाईयों से अपील किया कि नयी तकनीकी से खेती करना प्रारम्भ करें। पशुपालन विभाग के डा. अशोक चन्द्र ने अपने विभाग के याजनओं के बारे मे विस्तार से बताया। उन्होने बताया कि भारत दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नम्बर एक पर है। पशुधन बीमा योजना के बारे मे भी बताया कि जो कि पशुपालको के लिए लाभकारी है। इस अवसर पर विभिन्न विभागो के अधिकारी एवं कर्मचारीगणों सहित अन्य सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। 

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