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Friday, May 12, 2017

मोबाईल की रोशनी में कराई गयी डिलिवरी के बाद नवजात की हुई मौत, परिजनों ने किया हंगामा

बाराबंकी। योगी सरकार स्वास्थ्य को लेकर बेहद सख्ती के मूड में है जनता के स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरतने पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश भी समय समय पर योगी सरकार देती रही है लेकिन उसके बावजूद स्वास्थ्यकर्मी सुधरने का नाम नही ले रहे है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीएचसी फतेहपुर में जनरेटर व इन्वर्टर होने का दावा करने बाद भी आखिर कम रोशनी में शिशु का प्रसव किन कारणों से कराया गया इस बात का कोई जवाब जिले के सीएमओ डाक्टर के पास नही है। 
सूत्रों की मानें तो फतेहपुर के औरंगाबाद गांव निवासी एक व्यक्ति की 22 वर्षीया पत्नी को प्रसव कराने हेतु सीएचसी में लाया गया था। प्रसूता के पति का आरोप है कि अंधेरा होने पर प्रसूता की डिलीवरी नर्स द्वारा मोबाईल की रोशनी में कराई गयी जिसकी वजह से बाद में नवजात शिशु की मौत हो गयी। शिशु की मौत के बाद परिजन बदहवास हो गए प्रसूता के पति ने सीएचसी फतेहपुर की स्टाफ नर्स व अन्य दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। 
प्रसूता के पति की तहरीर पर जिलाधिकारी ने सीएमओ को जांच के आदेश दिए है जिसपर सीएमओ ने तीन डाक्टरों की टीम बनाकर मामले की जांच कराने की बात कही है। 
फिलहाल वजह कुछ भी हो लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही से नवजात शिशु की मौत होना कहीं न कहीं योगी सरकार के लिए भी चिन्तनीय विषय है । 

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