menubar

breaking news

Sunday, May 14, 2017

सीएम योगी ने कहा - ये तय होना चाहिए कि कौन राष्ट्रवादी है और कौन सांप्रदायिक

लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सांप्रदायिकता पर नए सिरे से बहस का आह्वान किया है। वे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर लखनऊ के रमाबाई मैदान में होने वाले समारोह को लेकर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल होने वाले हैं। इस प्रोग्राम में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए। 
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में एक बार सांप्रदायिकता पर चर्चा हो जानी चाहिए, ये तय हो जाना चाहिए कि कौन राष्ट्रवादी है और कौन सांप्रदायिक? सीएम योगी का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर खुली चर्चा के लिए तैयार हैउन्होंने पूछा कि जो लोग औरंगजेब और मोहम्मद गौरी से खुद को जोड़ते हैं उनके लिए क्या होना चाहिए?
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लोगों के भीतर राष्ट्रवाद का भाव पैदा करने का काम कर रहा है लेकिन उसे सांप्रदायिक बताने की साजिश हो रही है। वहीं, समाज को विकृत करने वाले लोगों को मानवतावादी साबित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि यूपी के स्कूलों में अगले साल से 11वीं सदी के राजा सुहेलदेव की जीवनी शामिल होगी। सुहेलदेव ने उस वक्त के कई राजाओं को जुटाकर मुस्लिम हमलावरों के खिलाफ कामयाब जंगें लड़ी थीं। उन्होंने लाखन पासी को भी स्कूलों के सिलेबस में शामिल करने की बात कही। लाखन पासी के नाम पर ही लखनऊ शहर का नाम रखा गया है। योगी ने कहा कि महमूद गजनवी जैसे विदेशी आक्रांता देश को लूटने आए थे। उनका दावा था कि भारत के असली इतिहास को दबाकर रखा गया है, लेकिन जो कौम अपने इतिहास को नहीं संजो सकती, उसका नुकसान होता है। 
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक सुहेलदेव जैसे ऐतिहासिक चरित्रों का नाम साजिश के तहत इतिहास से हटाया गया है और इस साजिश में शामिल लोगों को बेनकाब करने की जरूरत है। 

No comments:

Post a Comment