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Friday, April 21, 2017

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यश भारती सम्मान की जांच के दिए आदेश

Image result for images of cm yogiलखनऊ। यश भारती की अब सम्मान जांच होगी। यह जांच राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ कराएंगे। योगी आदित्यनाथ ने यश भारती पुरस्कार की गहन समीक्षा करने के निर्देश जारी किए हैं।
योगी आदित्यनाथ ने पुरस्कारों के वितरण के दौरान उसकी गरिमा का भी ध्यान रखने की बात कही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर गंभीरता से लेते हुए कहा कि अपात्रों को अनावश्यक पुरस्कृत करने से पुरस्कार की गरिमा गिरती है।
बता दें कि यूपी में कला, संस्कृति, साहित्य और खेलकूद में अग्रणी रहने वाले लोगों को यह अवार्ड दिया जाता है। 
बता दें कि इस अवॉर्ड की शुरुआत मुलायम सिंह यादव ने साल 1994 में की थी।
इस अवॉर्ड में ईनाम स्वरूप 11 लाख रुपये और इसके अलावा ताउम्र 50 हजार रुपये की पेंशन भी मिलती है।
इस पुरस्कार वितरण पर कई बार आरोप भी लगे हैं और यहां तक कहा गया कि अखिलेश यादव द्वारा यह अवार्ड राज्य के गरीब लोगों को आर्थिक मदद देने के लिए दिए गए।
हैरानी की बात तो यह है कि अखिलेश यादव सरकार ने एक बार पुरुस्कार वितरण समारोह का संचालन करने वाली महिला के काम से खुश होकर मंच से ही उसे भी यह पुरस्कार देने की घोषणा कर दी।
इस प्रकार के आरोपों के चलते योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि गलत लोगों को पुरस्कार देकर इस सम्मान की गरिमा नहीं गिरानी चाहिए। अगर इस पुरुस्कार की जांच हुई तो नाकाबिल लोगों को अवॉर्ड मिलने पर उनकी पेंशन राशि जो कि 50 हज़ार रुपया है वो बंद हो सकती है।

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