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Sunday, April 23, 2017

सीएम योगी का बड़ा फैसला ! ब्लाॅक लेवल तक कर्मचारियों की ली जाए बाॅयोमेट्रिक अटेन्डेंस

Image result for images of cm yogiलखनऊ। योगी आद‍ित्यनाथ ने रूरल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की रिव्यू मीटिंग की। योगी ने कहा कि ब्लाॅक लेवल तक कर्मचारियों की बाॅयोमेट्रिक अटेन्डेंस ली जाए। साथ ही 15 जून से पहले सड़कों को सही करने, हैंडपंप लगाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों में पानी की सप्लाई की मॉनीटरिंग के लिए हर जिले में कंट्रोल रूम बनाया जाए। 
यूपी सीएम योगी ने कहा हर ग्राम पंचायत में एक बोर्ड लगाया जाए, जिसमें जरूरी इन्फॉर्मेशन के साथ-साथ प्रधानों, सचिवों और रोजगार सेवकों के नंबर लिखे हों। जो काम कराए जा रहे हैं और जो योजानाएं चल रही हैं, उनकी लिस्ट भी इसमें रहे।
प्रदेश में कहीं भी पीने के पानी की किल्लत नहीं होनी चाहिए। बुन्देलखंड में तालाब बनाए जाएं, उन्हें दुरुस्त किया जाए। इसके लिए स्पेशल प्लान बनाकर, जल्द पानी की मुश्किल खत्म की जाए। रोजगार सेवकों को वक्त पर पेमेंट किया जाए। योगी ने कई नेशनल और स्टेट लेवल पर चल रही ड्रिंकिंग वाटर स्कीम्स की जानकारी भी ली और कहा कि बुन्देलखंड के साथ-साथ प्रदेश के दूसरे हिस्सों में पाइप पेयजल स्कीम्स को पूरा किया जाए।
योगी ने पीएम आवास योजना, मनरेगा, पीएम ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम का रिव्यू किया।
उन्होंने कहा कि आवास योजना के लक्ष्य पूरे किए जाएं। जिसमें 5.73 लाख परिवारों का रजिस्ट्रेशन, फोटो अपलोडिंग, घरों की मंजूरी का काम जल्द किया जाए। स्पेशलिस्ट और हेल्पिंग स्टाफ की तैनाती शुरू हो। एलिजिबल फैमिलीज का नाम लिस्ट में लाने के लिए केंद्र को कहा जाए।
योगी ने कहा कि मनरेगा में ट्रांसपैरेंसी लाने के लिए श्रमिकों को आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम से जोड़ा जाए। आवास योजना के 5.73 लाख बेनफिशिएरीज के पास जाॅब कार्ड हो, ताकि 90 वर्क डे का पेमेंट कराया जा सके। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अच्छी योजना है। विकास खंडों की गरीब महिलाओं को इससे जोड़ा जाए।
योगी ने सहकारी समितियों से कहा कि किसानों को समय से खाद एवं बीज दिए जाएं, रेट में ट्रांस्पैरेंसी हो। स्टोरेज कैपेसिटी बढ़ाने के लिए ब्लाॅक लेवल पर सहकारी ग्रामीण गोदाम बनाए जाएं। किसानों की जरूरत के हिसाब से कोल्ड स्टोरेज भी होने चाहिए। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों की उपज की खरीद हो। इस सिस्टम में ट्रांस्पैरेंसी का खास ध्यान रखा जाए और किसानों को इसका फायदा पहुंचे, इसे तय किया जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ सभी किसानों तक पहुंचे।

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