menubar

breaking news

Thursday, April 20, 2017

जफराबाद के विधायक ने जौनपुर कृषि विभाग का किया औचक निरीक्षण, सभी विभागों में पाई भारी कमी, अधिकारियों को सुधरने की दी नसीहत

जौनपुर। जनपद के जफराबाद के विधायक डा0 हरेन्द्र प्रताप सिंह आज सुबह जौनपुर कृषि विभाग, उद्यान विभाग, मृदा परीक्षण और भूमि संरक्षण विभाग का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दरम्यान यहां पर योगी के सारे फरमानो का कोई असर ही नही दिखा। सभी विभागो में भारी गंदगी और मशीनो की हालत देखकर भड़क गये। उन्होने मौके पर मौजूद अधिकारियो कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए चेतावनी दिया कि एक हफ्ते के बाद मै पुनः निरीक्षण करूंगा यदि उस समय कोई कमी पायी गयी तो बख्शा नही जायेगा। इस दरम्यान विधायक ने लाभार्थियों की सूचि उपलब्ध करने और विभाग में चल रहे कमीशनखोरी की परम्परा को पूरी तरह से बंद करने का हुक्म दिया।
बता दें कि जफराबाद के विधायक डा0 हरेन्द्र प्रताप सिंह आज सुबह करीब साढ़े नौ बजे कृषि विभाग में पहुंचे उस समय कार्यालय में उप कृषि निदेशन अपने कक्ष से गायब थे मौके पर मौजूद उनके स्टोनो अंजनी उपाध्याय ने बताया कि साहब इलाहाबाद में आयोजित सेमिनार में भाग लेने गये है। उसके बाद डा0 हरेन्द्र ने विभाग के दफ्तरो का निरीक्षण किया तो भारी गंदगी दिखाई पड़ी, विभाग के ऊपर तल पर कम्प्यूटर कक्ष में भारी धूल भरा हुआ था। जगह-जगह दोहरा पान की पीक से पूरी दिवार लाल दिखी। कुल मिलाकर यहां पर सीएम के आदेशो को कोई असर नही दिखाई पड़ा। कृषि विभाग की यह हालत देखकर विधायक खुद आश्चर्य चकित हो गये। उन्होने अधिकारियो कर्मचारियो को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि हमारे जनपद के 70 प्रतिशत जनता से जुड़े इस विभाग की यह हालत है। विधायक ने जफराबाद विधानसभा क्षेत्र के सरकारी योजनाओ का  लाभ दी गयी किसानो की लिस्ट मांगा। उन्होने अधिकारियो से कहा कि आप लोग खाद ,बीज और  कीटनाशक दवाओ का लाईसेंस देने में इमानदारी बरतने का काम करे। विधायक ने साफ कहा कि यदि किसी ने मुझसे शिकायत किया कि लाईसेंस देने के नाम पर पैसा मांगा गया तो खैर नही होगी।
इसके बाद विधायक ने फल संरक्षण पहुंचकर जायजा लिया। यहां पर मौजूद कार्यालय प्रभारी डा0 हरेन्द्र सिंह को पहचाना ही नही। खैर विधायक ने अपना खुद परिचय देते हुए उनसे सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओ के बारे में जानकारी लिया। विधायक यहां से सीधे उद्यान विभाग पहुंचे वहां भी भारी खामियां देखकर मौके पर मौजूद अधिकारियो कर्मचारियो को जमकर फटकार लगाई।
अंत में डाक्टर हरेन्द्र मृदा परीक्षण और भूमि संरक्षक विभाग का रूख किया। इन दोनो विभागो गंदगी के साथ साथ लाखो रूपये की मशीने कई वर्षो से धूल फांकती मिली। मृदा परीक्षण विभाग की सभी मशीने फेल मिली। कर्मचारियो ने बताया कि करीब 17 लाख की लागत वाली मशीन करीब दस वर्षो से खराब पड़ी है जिसके लिए माईक्रो लेबल की जांच वाराणसी से करायी जाती है। विभाग की यह हालत पुरानी सरकारो का कलई खोल दिया है।

No comments:

Post a Comment