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Wednesday, April 19, 2017

बाबरी विध्वंस मामले में आडवाणी, जोशी, उमा समेत 13 लोगों पर चलेगा आपराधिक साजिश का केस - सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। बाबरी विध्वंस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि आडवाणी, जोशी, उमा भारती समेत 13 लोगों पर आपराधिक साजिश का केस चलेगा।
बता दें कि इससे पूर्व 6 अप्रैल को आदेश सुरक्षित रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हम इस मामले में इंसाफ़ करना चाहते हैं। महज़ टेक्निकल ग्राउंड पर इनको राहत नहीं दी जा सकती और उनके खिलाफ साज़िश का ट्रायल चलना चाहिए।
वहीं लालकृष्ण आडवाणी की तरफ से इसका विरोध किया गया। कहा गया कि इस मामले में 183 गवाहों को फिर से बुलाना पड़ेगा जो काफी मुश्किल है। कोर्ट को साजिश के मामले की दोबारा सुनवाई के आदेश नहीं देने चाहिए।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में इन नेताओं के ख़िलाफ़ आपराधिक साज़िश का ट्रायल चलाए जाने की मांग की थी, साथ ही साज़िश की धारा हटाने के लिए इलाहाबाद हाइकोर्ट के फ़ैसले को रद्द किया जाना चाहिए।
दरअसल 1992 में बाबरी मामले में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी, यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, साध्वी रितंभारा, सतीश प्रधान, चंपत राय बंसल और स्वर्गीय गिरिराज किशोर और बीजेपी, विहिप के अन्य नेताओं पर से आपराधिक साजिश रचने के आरोप हटाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा था।
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि महज टेक्निकल ग्राउंड पर इनको राहत नहीं दी जा सकती और इनके खिलाफ साजिश का ट्रायल चलना चाहिए।
वहीं इससे संबंधित अपीलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 20 मई 2010 के आदेश को खारिज करने का आग्रह किया गया। हाईकोर्ट ने विशेष अदालत के फैसले की पुष्टि करते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) हटा दी थी।
कोर्ट ने पूछा था कि रायबरेली में चल रहे मामले की सुनवाई को क्यों न लखनऊ ट्रांसफर कर दिया जाए, जहां कारसेवकों से जुड़े एक मामले की सुनवाई पहले से ही चल रही है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रोजाना सुनवाई के आदेश दिए हैं, साथ ही कोर्ट ने कहा कि लखनऊ स्पेशल कोर्ट इस केस की सुनवाई 2 साल में पूरी करे। वहीं केस को रायबरेली से लखनऊ ट्रांसफर करने के लिए 4 हफ्ते का वक़्त दिया गया है।
बता दें कि यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मौजूदा वक्त में राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह पर केस नहीं चलेगा। संवैधानिक पद पर होने की वजह से उन्हें केस से छूट दी गई है। संवैधानिक पद से हटने के बाद उन पर केस चल सकता है।

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