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Thursday, March 16, 2017

लव सेक्स और धोखा के बाद गर्भवती युवती की डाक्टर ने अस्पताल में कराई शादी

जौनपुर। शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक की दरियादिली ने एक लड़की की पहले तो जान बचाई, उसके बाद युवती की जिंदगी बर्बाद होने से बचाई, चिकित्सक की इस माननीय संवेदना को सभी सलाम कर रहे है।
यह पूरा मामला एक रोचक स्टोरी के पीछे भी एक ऐसी लव स्टोरी है जिसे जानकर सभी विवश होंगे।
शहर के वाजिदपुर तिराहे के समीप एक नर्सिंग होम में दूसरे को वरमाला डाल रहा ये दूल्हा जौनपुर के बदलापुर थाना क्षेत्र के भटरनी गांव निवासी पुरूषोत्तम गौतम का पुत्र संदीप कुमार है, जबकि दुल्हन के रूप में खुटहन थाना क्षेत्र के सुतौनी गांव निवासी रामदास यादव की पुत्री। यह दोनों युगल जोड़ी आपस में एक दूसरे के करीबी रिश्ते में भी आते है। उन दोनों की लव स्टोरी आज से एक वर्ष पूर्व शुरू हुई थी। ये दोनों आपस में बेइंतेहा प्यार करते थे। जिसके चलते दोनों में शारीरिक सम्बन्ध हो गया और युवती गर्भवती हो गयी। सामाजिक लोकलाज से बचने के लिए सुमन ने इस राज को अपने कोख में ही रखा, धीरे-धीरे जब बच्चा पेट में बड़ा होने लगा जिससे घबराकर संदीप लापता हो गया, इधर कुवारी पुत्री के पेट में बच्चा होने की खबर मिलते ही माँ - बाप के पैरो तले जमीन खिसक गयी, बच्चा आठ माह का हो चुका था।
युवती के परिजनों ने सामाजिक मर्यादा के भय से उसे गर्भपात करने की दवा खिला दी। जिसके चलते बच्चा पेट में ही मर गया, बच्चा मरते ही युवती की हालत बिगड़ने लगी। अपनी बेटी को जीवन और मौत से संघर्ष करते देख युवती के परिजन उसे शहर के कई अस्पताल का दरवाजा खटखटाया लेकिन युवती की नाजुक हालत देख सभी डाक्टरो ने अपने हाथ खड़े कर दिए।
अंत में युवती के परिजन उसे शहर के प्रख्यात चिकित्सक डॉक्टर लाल बहादुर सिद्धार्थ के पास ले गए, जहाँ डा० सिद्धार्थ ने भी युवती की बिगड़ती हालत देख पहले तो हाथ लगाने से मना कर दिया, लेकिन परिजनों के प्रति दरियादिली दिखाते हुए युवती के पेट का आपरेशन कर दिया, जहां युवती एक माह के बाद स्वस्थ हो गयी। पूरे उपचार में कुल सवा लाख खर्च आया लेकिन परिजनों ने इलाज का भुगतान करने में असमर्थता दिखाई। चिकित्सालय प्रबंधन ने जब युवती के परिजनों ने गरीबी के चलते भुगतान न कर पाने की बातें डॉक्टर सिद्धार्थ को बताई तो उन्होंने युवती के पिता को को बुलाया जहा उसकी व्यथा सुनने के बाद उन्होंने युवक और उसके परिवार वालो को अपने चेम्बर में बुलाकर यह कहा कि तुम लोगो ने इस लड़की की जिंदगी बर्बाद कर दिया है अब इससे शादी कौन करेगा। साथ ही चिकित्सक ने यह भी कहा कि या तो तुम लोग युवती के इलाज में आए सवा लाख रुपये का भुगतान करो और यदि न दे सकते हो तो तुम इस लड़की से शादी कर लोगे तो मैं पूरा पैसा छोड़ दूंगा। लड़का पक्ष काफी गरीब होने के कारण शादी के लिए तैयार हो गया। डॉक्टर सिद्धार्थ ने दोनों के माता पिता, करीबी रिश्तेदारो की मौजूदगी में अस्पताल में ही दोनों की शादी करा दी। बेटी के गले में जयमाल पड़ते ही पिता की आँखे, इधर इस अनोखी शादी को देखने के लिए भर्ती मरीज, उसके परिजन और आस-पास के काफी लोगो की भीड़ उमड़ पड़ी।  

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